Domain Registration ID: D414400000002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008

ओपिनियन

admin August 27, 2020

सबसे बड़ा सवाल ये है कि भारत कि सबसे बड़ी पुलिस अकादमी में उसी के आईपीएस  अधिकारी की संदिग्ध मृत्यु का खुलासा क्यों नहीं हुआ. मामले की जांच को छह साल बाद भी वही का वही क्यों दफनाया गया है. उनकी मृत्यु को अभी तक उजागर क्यों नहीं किया गया. 28 अगस्त 2014 को भारतीय […]

admin August 20, 2020

बदल गए दस्तूर’ को कोरोना-केंद्रित हिंदी का प्रथम दोहा-संग्रह माना जा सकता है। कोरोना काल का सदुपयोग करते हुए वरिष्ठ कवि तथा हिंदी के जाने-माने दोहाकार डॉ रामनिवास मानव ने ‘बदल गए दस्तूर’ शीर्षक दोहा संग्रह तैयार कर दिया है। यह डॉ मानव का चौथा दोहा-संग्रह और उनकी प्रकाशित होने वाली 54वीं पुस्तक है। जो […]

admin July 26, 2020

आज हम सभी प्रकृति का दिया हुआ बहुमूल्य उपहार हैं, प्रकृति ने हम सभी को वो हर चीज दिया है जिसका हम सभी के लिए अति आवश्यक है। और इसलिए हमारी कर्तव्य और दायित्व बनता हैं कि हम भी प्रकृति को जितना हो सके उतना दे, उसका संरक्षण करें, इस कड़ी में विश्व प्रकृति संरक्षण […]

admin July 26, 2020

(इन वीरों  के मान-सम्मान को बरकरार रखना चाहिए, ये देश की सरकार और न्यायालय की अहम जिम्मेदारी बनती है)  –प्रियंका सौरभ   कोरोना महामारी ने पूरी विश्व व्यवस्था को बदल दिया है और लगभग सभी को अपने जीवन के तरीके को बदलने के लिए मजबूर भी किया है। हालांकि, कई लोगों के लिए इस महामारी ने […]

admin July 26, 2020

डॉ. सत्यवान सौरभ  कोरोना काल के इस महामंदी के दौर में भी सोने की कीमतों में लगातार जबरदस्त बढ़ोतरी जारी है, हाल ही में भारत में सोने की कीमतें 50 हज़ार रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को भी पार कर गई है, जब संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था संकुचित हो रही है तब सोने की […]

admin July 16, 2020

पहले उर्दू पर आतें हैं, हमारे एक बुजुर्ग थे, विद्यालय में शिक्षक थे, उन्हें सबलोग ‘मौलवी साहब’ कहा करते थे, थोड़ी बड़ी हुई तो, कौतूहल वश पूछ लिया कि हिंदू होकर आपको लोग ‘मौलवी साहब’ क्यों कहते हैं, उनका जवाब था ‘क्योंकि मैं उर्दू का शिक्षक हूँ।’ उर्दू का हमारी जिंदगियों में इस तरह घुल- […]

admin July 6, 2020

रिपोर्टिंग के दौरान कई कार्यक्रमों में मिलते जुलते अब हम अच्छे दोस्त बन चुके थे। दिल्ली के हैबिटेट सेंटर में एक कार्यक्रम को कवर करने के बाद हम दोनों बाहर निकल आए। बाहर आकर हॉल की दाहिनी ओर बने लॉन की बेंच पर बैठकर हम गप्पें मारने लगे। ऑफिस, बॉस, दिल्ली की ट्रैफिक,दिल्ली के लोग […]

admin April 11, 2020

भाग रही इस ज़िन्दगी में,अब शायद कुछ विराम आ गया है |जाग रही सी इस ज़िन्दगी में,अब शायद कुछ ख़्वाब आ गया है |विकसित हो रहे इस दानव में भी,अब शायद कुछ मानवता आ गयी है |बिखरा हुआ जहान भी ,अब तो शायद एक हो गया है |आधुनिकता का डंका बजाने वाले भीअब शायद परंपरामय […]

admin April 11, 2020

ये आधुनिकता भी न जाने कौनसा रंग लाएगीविश्व को न जाने किस महोत्सव की गिरा सुनाएगीये आधुनिकता भी……………..तमहर दिनकर भी अब तो चुपके से निकलता हैशीतलता बरसाता चन्दा शरमा कर के चलता हैसब प्राकृतिक ,जब कृत्रिम होने लगता हैधरा पर मानव जीवन तब डगमग होने लगता हैदेखना बाकी है अब, कब तक तू बच पाएगीये […]