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कांंग्रेस की पूर्व मेयर रजनी ब्यास ने सीएम जयराम ठाकुर से की मुलाकात.


कांंग्रेस की पूर्व मेयर रजनी ब्यास ने सीएम जयराम ठाकुर से की मुलाकात.

Dharamshala MC Elections: शहरी निकाय धर्मशाला के वार्ड-15 से रजनी ब्यास चुनाव जीती हैं. कांग्रेस के पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़कर उन्होंने जीत हासिल की है. लेकिन, उनकी मुलाकात के अब सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला नगर निगम चुनाव (Dharamshal MC Elections) में कांग्रेस और भाजपा, किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. वहां पर कांग्रेस (Congress) को पांच और भाजपा (BJP) को आठ सीटें मिली हैं. वहीं, 4 सीटों पर आजाद प्रत्याशी जीतकर आए हैं. ऐसे में धर्मशाला में सियासी जोड़तोड़ शुरू हो गया है. वहीं, कांग्रेस की पूर्व मेयर रजनी ब्यास की शिमला में सीएम जयराम ठाकुर से मुलाकात ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है.बता दें कि शहरी निकाय धर्मशाला के वार्ड-15 से रजनी ब्यास चुनाव जीती हैं. कांग्रेस के पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़कर उन्होंने जीत हासिल की है. लेकिन, उनकी मुलाकात के अब सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि, रजनी ब्यास का कहना है कि वह अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर शिमला में सीएम से मिली हैं और उन्होंने वार्ड की समस्याओं को लेकर सीएम को मांगपत्र भी सौंपा है. लेकिन यह बात राजनीतिक विशलेषकों के गले नहीं उतर रही है.

सुधीर विरोधी कांग्रेसी
धर्मशाला में देवेंद्र जग्गी सहित सुधीर विरोधी चारों कांग्रेसी जीते हैं. धर्मशाला में कांग्रेस के पांच ही सदस्य जीत दर्ज करवा सके हैं. इनमें रजनी को छोडकर चार अन्य कांग्रेसी नेता सुधीर शर्मा के कट्टर विरोधी हैं. रजनी की मुलाकात को सीएम जयराम ठाकुर ने अपने ट्विटर एकाउंट पर फोटो सहित शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि रजनी ब्यास अपने वार्ड की विभिन्न समस्याओं एवं मागों से अवगत करवाया. जयराम ठाकुर ने उनके क्षेत्र की सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है.पठानिया का दावा
हिमाचल के कैबिनेट मंत्री और नगर निगम चुनाव में भाजपा के प्रभारी राकेश पठानिया ने दावा किया है कि धर्मशाला में भाजपा के पास बहुमत है और भाजपा वहां अपने मेयर बनाएगा. हालांकि, अब आने वाले वक्त में ही पता चलेगा कि सियासी ऊंट किस और करवट लेगा. बता दें कि दो आजाद जीते प्रत्याशियों में दो बीजेपी समर्थित हैं, और दो कांग्रेस समर्थित हैं. अहम बात यह भी है कि बीते कार्यकाल में धर्मशाला नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा रहा था. यहां पर कांग्रेस का ही मेयर था.







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