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पटना का खुदा बख्श लाइब्रेरी (फाइल फोटो)


पटना का खुदा बख्श लाइब्रेरी (फाइल फोटो)

Khuda Bhaksh Library Patna: पटना का खुदा बख्श लाइब्रेरी काफी मशहूर और पुराना है. खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी में महात्मा गांधी राजेंद्र प्रसाद सहित देश की बड़ी बड़ी हस्तियों ने अपने कदम रखे

पटना. बिहार का प्रतिष्ठित और यूनेस्को द्वारा हेरिटेज (Unesco Heritage) बिल्डिंग घोषित पटना के खुदा बख्श लाइब्रेरी (Khuda Bhaksh Library Patna) के एक हिस्से पर टूटने का खतरा मंडराने लगा है. दरअसल सरकार अशोक राजपथ को जाम से राहत देने के लिए पटना के गांधी मैदान के कारगिल चौक से साइंस कोलेज तक एक फ्लाई ओवर का निर्माण करने जा रही है. इस वजह से खुदा बख्श लाइब्रेरी का एक हिस्सा लॉर्ड कर्जन रीडिंग रूम को तोड़ना पड़ेगा. इसे लेकर खुदा बख्श लाइब्रेरी प्रशासन और कुछ साहित्यकारों ने सरकार से इसे टूटने से बचाने की गुहार लगाई है.पटना के अशोक राजपथ पर स्थित अपने अंदर इतिहास के पन्ने समेटे राष्ट्रीय धरोहर में शामिल खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी कभी इस लाइब्रेरी में महात्मा गांधी राजेंद्र प्रसाद सहित देश की बड़ी बड़ी हस्तियों ने अपने कदम रखे और इस धरोहर के महत्व को दुनिया को बताया. पटना के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक से साइंस कोलेज तक एक फ्लाई ओवर का निर्माण किया जाना है जिससे अशोक राजपथ पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके. उस फ्लाई ओवर के निर्माण का जो रास्ता चुना गया है वह खुदा बख्श लाइब्रेरी के बीचोबीच से गुजरता है, ऐसे में अगर इसी नक्शे पर फ्लाईओवर का निर्माण किया गया तो 1905 में बने लॉर्ड कर्जन रीडिंग रूम जो खुदा बख्श लाइब्रेरी का एक अहम हिस्सा है उसे तोड़ना पड़ेगा.

खुदा बख्श लाइब्रेरी के डायरेक्टर को पुल निर्माण निगम के तरफ से एनओसी देने के लिए नोटिस दिया गया है लेकिन खुदा बख्श लाइब्रेरी के डायरेक्टर सहित कई साहित्यिक संस्थाओं ने इसका विरोध किया है. खुदाबख्श लाइब्रेरी की डायरेक्टर ने पटना के जिलाधिकारी को इस रास्ते को बदलकर दूसरे रास्ते से पुल निर्माण की मांग की है और, साथ ही चार अल्टरनेटिव रास्ते भी उन्होंने जिला प्रसाशन को सुझाए हैं जिसमें पहला रास्ता कारगिल चौक से कलेक्ट्रेट होते हुए गंगा एक्सप्रेस वे पर मिलाने का है तो दूसरा रास्ता कारगिल चौक से बीएन कॉलेज होते हुए गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का. तीसरा रास्ता कारगिल चौक से पीएमसीएच के मुख्य द्वार से घुमा कर पीएमसीएच के अंदर से साइंस कॉलेज के तरफ निकालने का है. हालांकि पटना के जिलाधिकारी का कहना है कि इस निर्माण से बिल्डिंग का कोई नुकसान नहीं होगा. लॉर्ड कर्जन रीडिंग रूम को वहां से हटाकर उसी कैंपस में दूसरी जगह बनाया जा सकता है.
पटना डीएम भले ही यह कह रहे हो कि इस निर्माण से लाइब्रेरी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा लेकिन बिहार के साहित्य से जुड़े लोग इसे राष्ट्रीय धरोहर पर चोट करने से जोड़कर देख रहे हैं. खुदा बख्श लाइब्रेरी में हजारों पांडुलिपियों और अलग-अलग धर्मों के कई ग्रंथ को सहेज कर रखा गया है, ऐसे में  जरूरी इस बात की है कि कोई ऐसा रास्ता निकाला जाए जिससे इस धरोहर को भी क्षति ना हो और विकास का रास्ता भी अवरुद्ध ना हो.







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