Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008

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शिमला में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ा मामला.


शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) में वर्षों बाद भले ही नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए किराये और लीज पर दी दुकानों, स्टालों और ढाबों के किराए में बढ़ोतरी की है, लेकिन तीन साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद नगर निगम शिमला को अपनी ही संपतियों से फूटी कौड़ी भी नहीं मिल रही है. निगम संपतियों के किराये में वृद्धि का शिमला व्यापार मंडल और दुकानदारों ने विरोध जताया है और बढ़ा किराया (Rent) देने से मना किया है.अपनी ही सम्पतियों से किराया न वसूल पाने के को लेकर नगर निगम शिमला एक बार फिर से रिव्यू करने की तैयारी कर रहा है, जिसको लेकर मेयर के नेतृत्व में एक बैठक की गई.बैठक में फैसला लिया गया कि निगम ने अपनी आमदनी के लिए वर्षों बाद अपनी सम्पति का किराया पांच सौ से हजार गुणा कर दिया है, जिसे देने में शहर के दुकानदार असमर्थ हैं. हालाँकि, मंगलवार को हुई बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया है, जिस पर अब 14 अप्रैल को एक बार फिर बैठक होगी, जिस पर किराये को लेकर हल निकला जाएगा. उधर, मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि इस मसले पर जल्द समाधान निकाला जाएगा, ताकि निगम की भी आय हो और दुकानदारों को भी ज्यादा बोझ ने पड़े.

कई साल बाद बढ़ाया था किराया, अब दोबारा होगा रिव्यू
बता दें कि नगर निगम शिमला ने कई साल बाद दिसंबर 2018 में अपनी संपतियों का किराया बढ़ाने का फैसला लिया था, लेकिन तीन साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी निगम को अपनी ही संपति से आय नहीं हो रही है. इस मामले पर पहले संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया बाद में जब कमेटी ने स्क्वेयर फीट के हिसाब से रेट तय किए तो फिर दुकानदारों ने तय दरों का विरोध कर दोबारा से दरें तय करने की मांग की. दुकानों के किराए को लेकर शहरी विकास मंत्री के आदेश पर मेयर सत्य कौंडल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया. जो अब नये सिरे से निगम सम्पति का किराया, शहर के तीनों पार्षदों, व्यापार मंडल और नगर निगम आयुक्त के साथ मिलकर तय करेगी.व्यापार मंडल चाहता है बीच का रास्ताउधर,व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि नगर निगम शिमला ने कई साल बाद किराये  और लीज दरों में वृद्धि की है. कई गुना किराया और दरें बढ़ गई हैं. इतना किराया देना दुकानदारों के लिए सम्भव नहीं है और दुकानदार चाहते हैं कि निगम दुकानदारों की स्थिति को देखकर ही किराया बढ़ाए. निगम इस फैसले पर दोबारा विचार करे, ताकि निगम की आय में भी वृद्धि हो और दुकानदारों को भी राहत मिले.

वर्षों बाद निगम ने यह रेट तय किए गए थे

गौरतलब है कि निगम ने 987 सम्पतियों का किराया स्कवेयर फ़ीट के हिसाब से बढ़ाने का फैसला लिया है. मॉल रोड पर दुकानों के रेट 150 रुपये स्कवेयर फ़ीट, मिडिल बाज़ार में 35 रुपये स्कवेयर फ़ीट, लोअर बाज़ार और लक्कड़ बाज़ार की कॉम्प्लेक्स दुकानों का किराया 40 रुपये वर्ग फुट, लोकल बस स्टैंड और राम बाज़ार का 35 रुपये, गंज बाज़ार सब्जी मंडी का रेट 25 रुपये प्रस्तावित किया गया है. शिमला के उपनगरों में ये रेट 30 रुपये वर्ग फुट प्रस्तावित था. हालांकि, इसको चर्चा के बाद 22 रुपए प्रति वर्ग फुट किया गया. जबकि गोदाम का किराया 7 रुपये वर्ग फुट किया गया. इसके अलावा गोदाम का रेट 10 रुपए रखा गया है इसमें गंज और सब्जी मंडी में गोदाम के रेट 7 रुपये तय किया है.



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