Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008

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यूपी में 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराधियों पर नकेल कसने की बात करते रहे हैं. इसी क्रम में बसपा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का नाम भी चर्चा में आया. अंसारी पिछले कुछ वर्षों से पंजाब की जेल में बंद हैं, जिन्हें यूपी लाने का प्रयास भाजपा सरकार कर रही है. मुख्तार अंसारी को यूपी की जेल में शिफ्ट करने के लिए योगी सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी. आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रोपड़ की जेल में बंद मुख्तार अंसारी को शिफ्ट करने की कार्रवाई आज शुरू हो गई.


पूर्वांचल का माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी देर रात बांदा जेल पहुंच गया और वह अब बांदा जेल के बैरक नंबर 15 में रहेगा.

Mukhtar Ansari News: यूपी पुलिस की भरी भरकम टीम सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख़्तार अंसारी को पंजाब के रोपड़ जेल से लेकर बांदा जेल पहुंची. करीब 900 किमी की दूरी को यूपी पुलिस ने 14 घंटे 30 मिनट में पूरा किया.


Uttar Pradesh News: पूर्वांचल का माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी देर रात बांदा जेल पहुंच गया और वह अब बांदा जेल के बैरक नंबर 15 में रहेगा. इस बैरक से अंसारी का पुराना नाता है. एक बार अंसारी जब पहले भी ग‍िरफ्तार हुआ था तो उसे इस जेल के 15 नंबर बैरक में ही रखा गया था. जानकारी के मुताबिक बैरक नंबर-15 तन्हाई सेल है, यानी मुख़्तार के साथ कोई अन्य कैदी नहीं होगा.  वहीं मुख्‍तार के आने से पहले इस बांदा जेल को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर द‍िया गया है. गौरतलब है क‍ि दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर  रोपड जेल के मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस का काफिला चला था. मुख्तार को लेकर न‍िकले काफिले में लगभग 10 गाडियां शामिल थी, ज‍िसमें एक एम्बुलेंस भी थी.

मुख्‍तार के बांदा जेल पहुंचने से पहले यहां एक ड्रोन कैमरा, 5 बॉडी वॉर्नकैमरे और 30 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात क‍िए गए. इतना ही नहीं अंसारी के जेल में पहुंचने से पहले अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे तैयार क‍िया गया.
सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार के आसपास जाने वाला हर जेल कर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस रहेगा, ताकि उसके और मुख्तार के बीच हुई बातचीत और व्यवहार की रिकॉर्डिंग हो सके. जेल की निगरानी के लिए एक ड्रोन कैमरा भी लखनऊ से भेजा गया है ,वहीं मुख्तार अंसारी की बैरक और आसपास के इलाके को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है.
यह सीसीटीवी कैमरे लखनऊ जेल मुख्यालय में बनी वीडियो वॉल से कनेक्ट रहेंगे, लिहाजा मुख्तार की बैरक की निगरानी जेल मुख्यालय से भी होती रहेगी.
मुख्तार को बैरक नंबर 15 में रखा गया है. इसी बैरक में मुख्तार पहले भी था, लेकिन इस बार मुख्तार के आसपास कोई भी जाना पहचाना चेहरा नहीं होगा. इसीलिए बांदा जेल को 30 नए सुरक्षाकर्मी दिए हैं जिनमें 12 जेल वार्डर और 18 पीएसी के जवान है. यह नए जेलकर्मी और सुरक्षाकर्मी ही मुख्तार की बैरक के आसपास तैनात रहेंगे.
रात को बांदा जेल पहुंचते ही मुख्तार का कोरोना का एंटीजन टेस्ट करवाया गया, टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव या नेगेटिव कुछ भी हो मुख्तार को सुबह तक सेल्फ आइसोलेशन में बैरक नंबर 15 में रखा जाएगा और सुबह ही उसका कोरोना का आरटी पीसीआर टेस्ट भी करवाया जाएगा.

मुख्तार चुना हुआ विधायक है, लिहाजा उसे किसी भी चीज की जरूरत होगी तो उसे जिलाधिकारी को लिखना होगा. जेल मैनुअल के मुताबिक उसे वह सामान मुहैया कराया जाएगा.
पंजाब से न‍िकले मुख्‍तार अंसारी के काफिले में 88 पैकेट डिनर सप्लाई क‍िए गए. 200 ML पीने के पानी की 238 बोतल दी गई. मुख्तार को भी खाने का पैकेट दिया गया. वहीं मुख्तार ने पुलिस के हाथ से पानी नहीं पिया. इसके बाद जेवर इलाके के एक पेट्रोल पंप में पुलिस ने एम्बुलेंस और गाड़ियों में तेल भरवाया.
मुख्तार को लेकर यूपी पुलिस शाम करीब छह बजे यूपी की सीमा में प्रवेश कर गई. मुख्तार की एम्बुलेंस के आगे-पीछे और अगल-बगल पुलिस के वाहनों का काफिला चलता रहा था. पुलिस के काफिले के पीछे मीडिया की गाड़ियां चल रही थीं. मुख्तार को लेकर पुलिस का काफिला पंजाब के बाद यमुना एक्सप्रेस वे और फिर इटावा के बाद कानपुर के पहले घाटमपुर के रास्ते बांदा पहुंचा.
पंजाब से लाते वक्त मुख्तार के काफिले का रूट तीन बार बदला गया. पहले, इटावा के बाद कानपुर देहात के सिकंदरा से अचानक रूट बदल दिया गया. रात डेढ़ बजे सिकंदरा पहुंचे काफिले को अचानक भोगनीपुर की तरफ मोड़ दिया गया. सिकंदरा से काफिला राजपुर होते हुए भोगनीपुर और यहां से मूसानगर होते हुए घाटमपुर और फिर हमीरपुर पहुंचा। यहां से अचानक पुलिस की गाड़िया भरुआ सुमेरपुर की ओर मुड़ गईं.
उल्लेखनीय है कि मुख्तार अंसारी एक मामले में पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था. अंसारी को लाने के लिए राज्य सरकार और पंजाब सरकार के बीच सुप्रीम कोर्ट तक मामला चला. 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश भेजने का आदेश दिया था. शीर्ष अदालत ने पंजाब की जेल में बंद मुख्तार को दो सप्ताह में उत्तर प्रदेश भेजने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने मुख्तार की कस्टडी ट्रांसफर याचिका पर यह फैसला सुनाया था.







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