Home

[ad_1]

पटना. तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) अपने पिता लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की रिहाई के लिए मुहिम चला रहे हैं. पोस्टकार्ड (Post card) पर ‘आजादी पत्र’ (Azadi Patra) लिख राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) भेज रहे हैं. लेकिन उनके इस अभियान से राजद के बड़े नेताओं ने अभी तक दूरी बना रखी है. यहां तक कि जिस दिन तेजप्रताप यादव ने इस अभियान की शुरुआत की, उस दिन भी राजद के प्रदेश अध्यक्ष समेत कोई बड़ा नेता इसमें शामिल नहीं हुआ.आज भी जब पोस्टकार्ड लेकर तेजप्रताप यादव पटना जीपीओ पहुंचे, तो उनके साथ पार्टी का कोई दूसरा नेता नहीं था. सिर्फ वही नेता उनके साथ थे, जो रोज होते हैं. हालांकि सूत्र कहते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह समेत कई बड़े नेता ऐसे हैं जिन्होंने ‘आजादी पत्र’ लिखने से दूरी बना रखी है. हालांकि यह विवाद आगे न बढ़े इसलिए तेजप्रताप यादव ने इस मामले में बड़ा सधा बयान देते हुए कहा कि जो लालू यादव को दिल से मानते हैं, वे पत्र जरूर लिखेंगे. जबरदस्ती किसी को मैं पत्र लिखने नहीं कह रहा हूं. तेजप्रताप ने कहा कि लालू यादव के विरोधियों से भी मैं अपील करता हूं कि वे भी लालू यादव की रिहाई के लिए ‘आजादी पत्र’ लिखें.

सीएम नीतीश पर निशाना साधते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि लालू यादव के लिए लिखे गए ‘आजादी पत्र’ से घबरा गए हैं नीतीश कुमार. बिहार मंत्रिमंडल में दागी चेहरों की भरमार है और ऐसे दागी चेहरों से बिहार का विकास कैसे होगा.

आपको बता दें कि तेज प्रताप यादव ने लालू यादव के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने मांग की है कि उनका स्वास्थ्य चिंताजनक है और उन्हें रिहा किया जाए. साथ ही तेज प्रताप यादव की अपील के बाद बड़ी संख्या में राजद के नेताओं और कार्यकर्तों ने पत्र लिखा, जिसे लेकर तेजप्रताप यादव आज पटना जीपीओ पहुंचे और राष्ट्रपति भवन के लिए पोस्ट किया. इस दौरान तेजप्रताप यादव ने दावा किया कि अभी तक वे 1 लाख पोस्टकार्ड राष्ट्रपति भवन भेज चुके हैं, जिसमें आज पटना प्रमंडल से इकट्ठा किए हुए लगभग 50 हजार पोस्टकार्ड हैं.



[ad_2]

Source by [author_name]

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *