Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008
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पटना. करोड़ों के चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बड़े सुपुत्र तेजप्रताप यादव ने अपनी पारिवारिक पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पर तानाशाही का आरोप लगाया. साथ ही पिता लालू यादव की बीमारी के लिए भी उन्हें ही जिम्मेवार ठहराया. हालांकि, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप ने ऐसा पहली बार नहीं किया है. इससे पहले भी वे पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं पर इल्जाम लगाकर पार्टी के दायरे और कायदे को ताक पर रख चुके हैं, लेकिन उन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई. पार्टी के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक को यह खटकता है, पर किसी की हिमाकत नहीं कि कोई कुछ बोल सके. अब तो इस बात की चर्चा सरेआम है कि क्या तेजप्रताप की जगह और किसी ने लालू प्रसाद के वफादारों की कतार में पहले नंबर के नेता जगदानंद सिंह के खिलाफ ऐसी हरकत की होती, तो क्या पार्टी नेतृत्व इसे नजरअंदाज करता. वैसे पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि लालू-राबड़ी के बड़े बेटे होने के नाते तेजप्रताप यादव का कद पार्टी से ऊपर है. इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी और जिसे भी राजद में रहना है तो उसे ऐसे व्यवहार के लिए तैयार रहना चाहिए. वे दबी जुबान से कहते हैं कि राजद में यदि रहे के होई तो तेजू बाबू (तेजप्रताप-तेजप्रताप) भजे के होई.रघुवंश बाबू और पूर्वे भी हो चुके हैं आपमानित

जगदानंद से पहले तेजप्रताप ने राजद में लालू प्रसाद के बाद दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह को भी ऐसे ही आपमानित किया था. उन्होंने रघुवंश प्रसाद सिंह की तुलना एक लोटा पानी से करते हुए कहा था कि राजद में उनके रहने या जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है. लालू के बड़े सुपुत्र ने यह सब तब कहा था, जब रघुवंश प्रसाद सिंह बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे. इस वाकया के कुछ दिनों के बाद ही उनका निधन हो गया था. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे को तो तेजप्रताप ने कई बार सार्वजनिक तौर पर खरी-खोटी सुनाई है.

सनोज यादव को मारा था थप्पड़राजद प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सनोज यादव को तो उन्होंने अपने आवास पर सबके सामने थप्पड़ मार दिया था. घटना 17 जून 2017 की है. लालू आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था. उसमें सनोज यादव भी पहुंचे हुए थे. अचानक तेजप्रताप एक निजी चैनल के डिबेट में आरजेडी का पक्ष ठीक से नहीं रखने का आरोप लगाते हुए उनकी धुनाई कर दी थी. सनोज यादव कहते हैं कि जब तेजप्रताप उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट कर रहे थे, तब लालू प्रसाद वहीं पर बैठे हुए थे, मगर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा और सबकुछ चुपचाप देखते रहे. इसके बाद हमने 30 सालों का राजद का साथ छोड़कर भाजपा ज्वॉइन कर लिया था.

राजद प्रत्याशी के खिलाफ उतारे थे उम्मीदवार

इतना ही नहीं तेजप्रताप यादव लोकसभा चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतार दिए. दरअसल, वे जहानाबाद से अपने एक खास को प्रत्याशी बनाना चाह रहे थे. राजद ने यहां से सुरेंद्र यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था. इससे नाराज होकर उन्होंने सुरेंद्र यादव के खिलाफ अपने एक समर्थक को मैदान में उतारा और उसका प्रचार भी किया. इसका परिणाम यह निकला कि कुछ वोटों के अंतर से सुरेंद्र यादव चुनाव हार गए. फिर भी पार्टी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी.

लालू से करेंगे फरियाद

लेकिन, अब पार्टी के सीनियर नेता तेजप्रताप यादव की हरकत से आक्रोशित हैं. उनकी फाइलें पलट रहे हैं और लालू प्रसाद से इसपर सीधा सवाल पूछने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि इस पर पार्टी में फिलहाल कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है. नाम न छापने की शर्त पर एक सीनियर नेता ने कहा कि फरवरी के अंत तक इस मुद्दे पर पार्टी के कुछ सीनियर नेता लालू से सवाल करेंगे, उनके जवाब के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी. वे कहते हैं कि अभी तक तेजप्रताप को लालू प्रसाद के बेटे होने का लाभ मिलता रहा है. कोई भी उनकी शिकायत नहीं करता. यही कारण है कि वे पार्टी में कार्रवाई के दायरे से बाहर रहे हैं.

क्या कहता है राजद का संविधान

राजद संविधान के अनुसार तेजप्रताप विधायक हैं. इस कारण वे राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के खिलाफ पार्टी आला कमान ही कोई कार्रवाई कर सकता है. इसके साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव के पास भी कार्रवाई की अनुशंसा करने का अधिकार प्राप्त है. बशर्ते उनके पास कोई शिकायत करे.

(डिस्क्लेमर : ये लेखक के निजी विचार हैं.)



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