Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की 1208 ग्राम पंचायतों में मंगलवार को पंचायती राज संस्थाओं के द्वितीय चरण का निर्वाचन के तरीके से संपन्न हुआ। राज्य मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। इस निर्वाचन में 75 को विभाजित -19 रोगियों और क्वारंटाइन हुए मतदाताओं ने सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर मतदान किए। सबसे ज्यादा मतदान सोलन जिले के नालागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत नंदपुर में 96 प्रतिशत रहा। प्रमुख, उप-प्रधान और सदस्यों के मतों की गणना के परिणाम के शाम तक आ जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति के मतों की गणना 22 जनवरी को खण्ड मुख्यालय पर होगी।इस चुनाव में आयोग द्वारा पहली बार चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाओं और परिणामों को आम जनता के लिए वैब पोर्टल sechimachal.nic.in पर भी अपलोड़ किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी पंचायती राज संस्थाओं के मतदाताओं और सभी अधिकारियाओं, कर्मचारियों, कानून और व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों व सभी प्रत्याशियों का प्रदेश में शान्तिप्रिय व सुचारू निर्वाचन उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया है। पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन के तीसरे चरण में 21 जनवरी को 1137 पंचायतों में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा।

चुनाव हारने के बाद प्रत्याशी की मौत

हिमाचल में पंचायती राज चुनाव का पहला चरण काफी रोमांचक रहा। कई युवा जीत, कई पुराने प्रधान को हार का मुंह देखना पड़ा। कई जगह लोगों ने अपनी जीत की खुशी मनाई तो कई जगह लोगों को मायूसी हाथ लगी। वहीं, जिला कांगड़ा के पालमपुर क्षेत्र में एक पंचायत के प्रत्याशी की चुनाव में हारने के बाद नियंत्रण से मौत हो गई। उपमंडल भवारना के अंतर्गत आने वाली सुलह की बारी पंचायत की यह घटना है। प्रत्याशी को परिणाम के बाद हर्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। मृतक व्यक्ति की पहचान राजेश कुमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजेश कुमार ने बारी से वार्ड मेंबर का चुनाव लड़ा था और इलेक्शन में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बाद वह वापस घर लौट आया और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

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राजेश हारने का दुःख सहन नहीं कर पाए थे। जैसे ही वह घर पहुंचे तो उनके सीन में तेज़ दर्द होने लगा और देखते-ही-देखते उनकी मौत हो गई। राजेश का एक निम्न माध्यम-मध्यम वर्ग वर्ग के परिवार से संबंध था और उनकी दो मासूम छोटी बेटियाँ हैं। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।



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