Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008
Home

[ad_1]

इटावा। समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर लोकसभा चुनाव में किस्मत अजमा चुके शिवपाल सिंह यादव (शिवपाल सिंह यादव) का दावा है कि वो तो देशभर के सभी समाजवादियों को एक करके मुलायम सिंह यादव (मुलायम सिंह यादव) या फिर अखिलेश यादव नर पीएम नरेंद्र मोदी (पीएम नरेंद्र मोदी) का विकल्प बनना चाहते थे। उन्हें अपने इटावा स्थित आवास पर न्यूज 18 से खास बातचीत में कहा गया है कि अगर देशभर के सभी समाजवादी एक साथ हो जाते तो आज कम से कम तीन सूबों में समाजवादियों की मजबूत सरकार हो सकती थी, लेकिन अड़चन डालने वाले जो लोग थे वे आज भी हैं उसी तरह से हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि अब तो हमने अपनी पार्टी बना ली है और संघर्ष के रास्ते पर निकल चुके हैं। यूपी में हमारा संगठन मजबूती के साथ खड़ा हुआ है।इसके अलावा शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि राजनीति में नेता हो या फिर कार्यकर्ता की जुबान की अहमियत होती है, जो लोग परिवार एक न हो इसके लिए ही बयान देते हैं। हमने अपनी पार्टी बना ली है और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे पर निकले हुए हैं। अब हमें यह चिंता नहीं कि कौन क्या कह रहा है, लेकिन एक बात तो तय है कि अब किसी भी पार्टी में प्रसपा का विलय नहीं होगा, बस गठबंधन हो सकता है।

शिवपाल ने किया यह बड़ा खुलासा
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के फौरन बाद सपा के रजत जयंती समारोह के दौरान देशभर के समाजवादियों को एक मंच पर लाने का जो प्रयास किया था। उसे पलीता लगाने वाले कौन लोग थे? तुम क्या नहीं जानते। क्या मैं यह सब अपने लिए कर रहा था। मैं तो केवल अखिलेश यादव को अपना नेता स्वीकार कर लिया था और जो कुछ करना चाहता था वह नेताजी और उनके लिए ही था, लेकिन उस मंच पर जो कुछ हुआ और उसके बाद आज तक परिवार को एक होने से कौन रोक रहा है यह अब कोई है छिपा छिपा हुआ नहीं है।

इसके साथ उन्हें उन्होंने कहा कि आपको क्या पता नहीं है कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद समाजवादी पार्टी सिर्फ पांच सीटें जीती थी। देश में बिखरा हुआ समाजवादी परिवार एक करने के लिए सबसे पहले मैंने ही पहल की थी और तब नीतीश कुमार, एचडी देवगौड़ा, शरद यादव, ओमप्रकाश चैटाला का पूरा परिवार, लालू यादव, कमल मोरारका, अजीत सिंह और अंसारी बंधु तक समाजवादी पार्टी में विलय हो गया। के लिए तैयार हो गए थे। इन सभी ने श्याम सिंह यादव को अपना नेता मान लिया था।

अगर यह सब हो जाता है तो क्या नेताजी देश के सामने भाजपा का विकल्प नहीं बन सकते थे। उस समय इसे तुड़वाने का सूत्रधार कौन था जो आप नहीं जानते हैं।

भाजपा को यूपी से बचाया जा सकता है: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी
शिवपाल ने माना कि आज सूबे में जनता को मजबूत विकल्प की तलाश में है और केवल बीजेपी को सत्ता से बचाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि हम लगातार प्रयास कर रहे हैं और अब हमारी छोटी पार्टियों को एक साथ लाने का प्रयास है।

पंचायत चुनावों में पार्टी दिखाएगी दम, लेकिन …
इसके अलावा पंचायत चुनाव में अपनी पार्टी की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक ​​पंचायत चुनावों का सवाल है तो हमारी पार्टी ने गांव पंचायतों के चुनावों में किसी तरह की वोट नहीं लेने का फैसला लिया है, लेकिन जिला पंचायतों के चुनावों में प्रदेश दिया सभी जिला इकाइयों पर छुट्टी दी गई है कि वे चुनाव लड़ाना चाहते हैं। अगर वे राय मांगेगी तो हम विचार करके जरूर तय करेंगे कि कहां पर हमारी पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष बन सकते हैं क्या वह जरूर देखा जाएगा। इसका सीधा संकेत माना जा रहा है कि लगभग डेढ़ दशक से इटावा की जिला पंचायत पर समाजवादी पार्टी के एकाधिकार को चुनौती मिलनी तय है।



[ad_2]

Source by [author_name]

Avatar

Leave a Reply