Domain Registration ID: D414400000002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008 fr-filmstreaming.com filmstreaming
Pawan Dwivedi January 22, 2020

पोषण अभियान के तहत विकास भवन में मण्डल स्तरीय दो दिवसीय रिसोर्स गु्रप कार्यशाला का शुभारम्भ

पोषण अभियान के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा रोगों से बचाव हेतु मण्डल स्तरीय दो दिवसीय रिसोर्स गु्रप कार्यशाला का शुभारम्भ कार्यक्रम विभाग व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विकास भवन सभागार में हुआ। प्रशिक्षण नोडल अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी गोण्डा मनोज कुमार द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण में मण्डल के चारों जनपदों के सीडीपीओ तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय प्रशिक्षण में शेड्यूल के अनुसार प्रथम दिन प्रसव पूर्व तैयारी तथा ‘गर्भावस्था के दौरान तैयारी, विषय पर प्रशिक्षण दिया गया तथा प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिशुओं में वृद्धि का आकलन विषय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रसव पूर्व देखभाल का संबंध गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली स्वास्थ्य की जानकारी और नियमित चिकित्सा जांच से है, जिससे कि प्रसव सुरक्षित हो सके। मातृत्व अस्वस्थता और मातृ मृत्यु के मामलों की पहले ही जांच और चिकित्सा कर इन मामलों में कमी लायी जा सकती है। गंभीर खतरों वाली गर्भावस्था और उच्च प्रसव वेदना की छानबीन के लिए प्रसव पूर्व जाँच (एएनसी) भी आवश्यक है। प्रसव पूर्व सावधानी के महत्वपूर्ण अंगों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए समय-पूर्व पंजीकरण अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैसे ही गर्भाधान की संभावना का पता चले, गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व देखभाल के लिए पहली बार जाकर नाम दर्ज कराना चाहिए। प्रजनन आयु की प्रत्येक विवाहित महिला को स्वास्थ्य केन्द्र में जाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए अथवा महिला के स्वयं गर्भवती महसूस करने पर इसकी सूचना देनी चाहिए। आदर्श रूप में पहली बार गर्भाधान की प्रथम तिमाही (गर्भाधान की प्रथम तिमाही) अथवा 12 सप्ताह से पहले स्वास्थ्य केन्द्र पर जाना चाहिए। तथापि, यदि कोई महिला गर्भाधान की आखिरी अवधि में केंद्र पर आती है तो उसको पंजीकरण कर लेना चाहिए और गर्भाधान की आयु के अनुसार सहायता मुहैया करानी चाहिए।
समय पूर्व पंजीकरण के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मां के स्वास्थ्य का आकलन तथा रक्तचाप और वजन आदि के संबंध में आधारभूत जानकारी प्राप्त की जा सके। जटिलताओं से शीघ्र निपटा जा सके तथा आवश्यक होने पर निर्णय के लिए भेजकर समुचित प्रबंध किया जा सके तथा महिला को अपने मासिक-धर्म की अवधि की तारीख याद करने में सहायता करनी चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान डीपीओ बहराइच सहित मण्डल के जनपदों के सीडीपीओ तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

SD TV (JAIN TV)

SD TV (MOVIE & ENTERTAINMENT)

Leave a comment.

Your email address will not be published. Required fields are marked*