Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008

Please Play for Watching SD News Live TV (News + Entertainment)

केंद्र सरकार को सुप्रीम नसीहत: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र समझे; टीके का खर्च नहीं उठा सकते गरीब, राष्ट्रीय टीकाकरण प्रोग्राम में क्यों नहीं लगवाई जा रही वैक्सीन?


  • Hindi News
  • Local
  • Delhi ncr
  • The Supreme Court Said Understand The Center; The Poor Cannot Afford The Vaccine, Why Is The Vaccination Not Being Done In The National Immunization Program?

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

बड़ा सवाल… टीका सार्वजनिक संसाधन, कंपनियों को मुनाफा कमाने की छूट क्यों

कोरोना महामारी से पैदा हुए संकट पर स्वत:संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए सुप्रीम काेर्ट ने शुक्रवार काे केंद्र सरकार के सामने सवालाें की झड़ी लगा दी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, एलएन राव और एसआर भट्‌ट की बेंच ने पूछा कि केंद्र, राज्याें और निजी अस्पतालाें के लिए वैक्सीन की कीमत अलग-अलग क्यों रखी गई है? शीर्ष अदालत ने सरकार को राष्ट्रीय टीकाकरण माॅडल अपनाने के बारे में विचार करने का सुझाव भी दिया।

कहा कि टीके का खर्च तमाम गरीब नहीं उठा सकते। जस्टिस भट्‌ट ने सवाल किया, ‘वैक्सीन निर्माता 300 या 400 रुपए प्रति डाेज दाम लगा रहे हैं। एक राष्ट्र के रूप में हमें इसका भुगतान क्यों करना चाहिए? कीमत का अंतर 30 से 40,000 करोड़ रुपए हो जाता है, जब हमने इसके लिए भुगतान किया है। मूल्य अंतर का कोई मतलब नहीं है।

हम निर्देश नहीं दे रहे, मगर आपको गौर करना चाहिए। एस्ट्राजेनेका अमेरिकी नागरिकों को कम कीमत पर टीके उपलब्ध करा रही है, फिर हम इतना भुगतान क्यों करें?’ केंद्र सरकार 100% वैक्सीन क्यों नहीं खरीद रही। एक हिस्सा खरीद कर बाकी बेचने के लिए वैक्सीन कंपनियों को स्वतंत्र क्यों कर दिया गया है? वैक्सीन में सरकार का भी पैसा लगा है। इसलिए वह एक सार्वजनिक संसाधन है।

सुप्रीम काेर्ट ने कहा, ‘हमको राष्ट्रीय टीकाकरण मॉडल का पालन करना चाहिए, जिसका हमने आजादी के बाद से पालन किया था। अभी 50% से ऊपर अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता और 45 से अधिक उम्र वालाें काे टीका मुफ्त लगा। बाकी 50% का उपयोग 18 से अधिक उम्र के लाेगाें के लिए किया जाना है। भारत में 18 से 45 साल के करीब 59 करोड़ लोग हैं। इसमें एक बड़ा तबका गरीब और हाशिए पर है। हमें वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाना होगा। अतिरिक्त यूनिट तलाशनी होंगी।

साेशल मीडिया पर शिकायत करने पर किसी के खिलाफ कार्रवाई हुई ताे उसे अदालत की अवमानना माना जाएगा

सुप्रीम काेर्ट ने केंद्र और सभी राज्याें से कहा, ‘साेशल मीडिया पर ऑक्सीजन, बिस्तरों की कमी, दवाएं न मिलने आदि की शिकायत करने वालों पर कार्रवाई न करें। लाेगाें काे अपनी शिकायतें बताने से राेका न जाए। इन शिकायतों को गलत सूचना कहना सही नहीं है।’ काेर्ट ने केंद्र और सभी राज्य, केंद्रशासित सरकाराें काे चेतावनी भी दी। कहा कि अगर नागरिकाें की साेशल मीडिया पर शिकायतों काे लेकर कार्रवाई की गई ताे इसे काेर्ट की अवमानना माना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के 9 सवाल

  1. ​​​​​​​हॉस्पिटलाइजेशन की स्पष्ट राष्ट्रीय नीति है?
  2. अस्थाई कोरोना केंद्र बनाने की क्या तैयारी है?
  3. पता होना चाहिए कि कितने आईसीयू बेड हैं?
  4. लोग इंटरनेट नहीं जानते या पढ़े लिखे नहीं हैं, उनके लिए वैक्सीन की क्या व्यवस्था है?
  5. श्मशान कर्मियों के टीकाकरण की क्या योजना है?
  6. जरूरी दवाओं के लिए पेटेंट की क्या व्यवस्था है?
  7. यह कैसे सुनिश्चित होगा कि वैक्सीन को लेकर एक राज्य को दूसरे पर प्राथमिकता नहीं मिलेगी?
  8. जरूरी दवाओं का उत्पादन-वितरण सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रहा?
  9. जेनेरिक को सक्षम करने के लिए क्यों ना आदेश जारी किया जाए?

केंद्र के हलफनामे में दी गई जानकारी कम, 10 मई को अगली सुनवाई करेगी अदालत

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र का हलफनामा देखने के बाद कहा, ‘आपने मांग और आपूर्ति की जानकारी नहीं दी है। आवंटन का तरीका भी नहीं बताया है।’
  • केंद्र को डॉक्टरों से ये कहना चाहिए कि रेमडेसिविर या फेविफ्लू के बजाय अन्य उपयुक्त दवाएं भी बताएं।
  • काेर्ट ने कहा, ‘हमारे चिकित्साकर्मी ब्रेकिंग पॉइंट पर हैं। उनको भी देखभाल की जरूरत है। ये समय उनका आभार मानने का है। उनको ज्यादा भुगतान होना चाहिए।

ऑक्सीजन सप्लाई पर केंद्र को निर्देश और दिल्ली सरकार को नसीहत- राजनीति न करे

कोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लाई पर केंद्र से कहा कि दिल्ली औद्योगिक राज्य नहीं है। आप इस बात पर जोर न दें कि ऑक्सीजन सप्लाई उठाने की क्षमता दिल्ली के पास नहीं है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने दिल्ली सरकार को कहा कि वह केंद्र सरकार का सहयोग करे। यह समय राजनीति का नहीं है।

1978 से चल रहा है टीकाकरण कार्यक्रम, अभी इसमें 11 टीके लगते हैं; सभी मुफ्त

केंद्र सरकार का टीकाकरण कार्यक्रम 1978 से चल रहा है। 1985 में इसे यूनिफाइड इम्युनाइजेशन प्रोग्राम का नाम दिया गया। जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के शेड्यूल में 11 टीके लगाए जाते हैं जो 15 से ज्यादा बीमारियों से बचाते हैं। सभी टीके पूरी तरह मुफ्त हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply