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Wednesday, May 12

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कोरोना की दूसरी लहर में बदली भारत की विदेशी मदद लेने की नीति, 16 साल बाद हो रहा ऐसा


विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने दी जानकारी. (Pic- ANI)

Coronavirus in India: विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने कहा कि हमने मौजूदा स्थिति कभी नहीं देखी और न देखेंगे. हमने निश्चित तौर पर प्राथमिकता तय की है.

नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी (Coronavirus) की दूसरी लहर में मेडिकल उपकरण और दवाइयों (Medical Aid) की आपूर्ति को पूरा करने के लिए विदेशी मदद से जुड़ी नीति (Indian Policy) में बदलाव किया गया है. न्यूज़18 इंडिया के सवाल पर विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम इसे नीति के तौर पर देख रहे हैं बल्कि ऐसी स्थिति के तौर पर देख रहे हैं जो कि असाधारण, अप्रत्याशित और अपवाद के तौर पर है और आवश्यकता को पूरा करने के लिए जो भी करना होगा, लोगों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए वो सबकुछ किया जाएगा.’ विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने कहा कि हमने मौजूदा स्थिति कभी नहीं देखी और न देखेंगे. हमने निश्चित तौर पर प्राथमिकता तय की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब भारत ने दूसरे देशों को दवाइयां सप्लाई की तो अब ये देश भी मदद को आगे आ रहे हैं. इस संदर्भ में विदेश सचिव ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के ब्यान और खाड़ी के देशों से मदद का उदाहरण भी दिए. विदेश सचिव ने कहा कि हम एक-दूसरे पर निर्भर हैं. कई देशों ने कहा कि भारत ने हमें सहायता दी और अब हम भारत को सहायता दे रहे हैं.

16 साल के बाद भारत ने ली विदेश सहायता दरअसल 2004 में सुनामी के बाद मनमोहन सिंह ने ऐलान किया था कि हम अपनी स्थिति से निपट सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर ही मदद लेंगे. 2004 के बाद कई बड़ी आपदा आई लेकिन भारत ने विदेशी सहायता लेने से इनकार कर दिया था. भारत सरकार को आ रही विदेशी सरकारों और एजेंसी से मदद भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के जरिए आ रही है.







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