Domain Regd. ID: D414400000 002908407-IN Editor - vinayak Ashok Jain (Luniya) 8109913008

कोरोना के बिच सत्ता का महासंग्राम

विश्वव्यापी महामारी कोरोना कोविद १९ से जहाँ पूरा विश्व त्राहि – त्राहि कर रहा है वहीँ भारत वैश्विक पटल पर सबसे तेजी से मामला बढ़ने वाले देशों में दूसरे नंबर पर आ गया है और आकड़ों की बात करें तो भारत विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंच चूका है. जनवरी से शुरू हुयी भारत में कोरोना ने वर्तमान समय तक ९ लाख ११ हजार से अधिक लोगो को अपनी चपेट में ले लिया है वहीँ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली ऐसे तीन राज्य है जहाँ कोरोना ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. तो वहीँ मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल या बिहार में भी कोरोना ने कम आतंक नहीं बरसाया है. ७० दिन के लॉक डाउन में संयमपूर्वक रहने के बाद ९ जुलाई से अनलॉक १ भारत में शुरू हुआ और यहीं अनलॉक १ भारत में फिर कोरोना महामारी को बढ़ावा देने में अपनी अहम् भूमिका निभाया जिसमे जनता के असंयम के साथ ही देश के कई राज्यों में चुनाव / उपचुनाव और सरकार तख्तपलट के लिए सियासती महासंग्राम शुरू हो चूका है इसका परिणाम यह आ रहा है की बिहार में एक दिन में १२०० से अधिक मामले सामने आये तो वहीँ मध्य प्रदेश जो दावा कर रहा था की अब राज्य में कोरोना कण्ट्रोल में है वहां भी कोरोना ने पुनः अपना पैर पसारने लगा. क्योंकि जनता के लिए उनका रोल मॉडल या आइडियल होता है उनका नेता फिर वो कांग्रेस का हो या भाजपा का ( यहाँ कांग्रेस भाजपा के नेताओं में अब मध्य प्रदेश कि जनता फर्क नहीं कर पा रही है क्यों कि जो आज कांग्रेसी है वो कल भाजपा का और जो भाजपाई है वो कांग्रेस का झंडा उठता हुआ दिख जायेगा) या जदयू का हो या आरजेडी का शिवसेना के गठबंधन कि सरकार का हो या एनडीए का या यूपीए गठबंधन का वो किसी भी पार्टी का कोई उससे कोई मतलब नहीं सिर्फ वो नेता ही समर्थक जनता कि रोल मॉडल होता है जैसा वो करेंगे वैसा ही जनता उनको फॉलो करेगी फिर वो देश के प्रधानमंत्रीं को या प्रदेशों के मुख्यमंत्री या फिर कोई भी मंत्री आज देश के प्रधानमंत्री टीवी पर देश को सम्बोधित कर आग्रह कर रहे है कि संयम ना खोये और सोशल डिस्टन्सिंग सहित मास्क लगा कर ही घर से बाहर निकले किसी के भी संपर्क में आने से पहले मास्क का प्रयोग करें. भीड़- भाड़ वाले जगह पर जाने से बचे उनकी बात कुछ कम ज्ञानी / कम समझदार लोग तो समझ रहे है और अपनी सुरक्षा कर रहे है पर क्या अत्यधिक ज्ञानी या सत्ता के लिए अपना जोर अजमाइस करने के लिए लालाइत नेता और उनके समर्थक इस बात को समझ रहे है??? (नोट यहाँ किसी एक पार्टी के बारे में टिपणी नहीं किया जा रहा है क्यों कि यहाँ अधिकतर नेता और अलग अलग पार्टी से ताल्लुक रखने वाले नेता इसमें शामिल है) आज मध्य प्रदेश में शक्तिप्रदर्शन के लिए कोई नेता केंद्रीय मंत्री के जन्मदिन पर भीड़ इकठ्ठा कर लेता है तो कोई अपनी राजनैतिक रोटी सेकने के लिए बिना सोशल डिस्टन्सिंग और मास्क लगाए ज्ञापन देने के नाम पर कार्यकर्ताओं कि भीड़ इकट्ठी कर लेता है, तो कोई अपना वर्जस्व दर्शाने के लिए रैली का आयोजन करता है और वहां अपने ही पार्टी के अध्यक्ष को कोरोना भेंट देकर आ जाता है. तो कहीं कोरोना के बिच सरकार गिराने और बचाने कि भरमार कोशिश किया जा रहा है. यहाँ सरकार गिराने और बनाने का सिलसिला मध्यप्रदेश से शुरू हुआ जब कोरोना काल का उदय हुआ उस दौरान मध्य प्रदेश कि सियासत बेहद गर्म थी इस गर्म सियासत को देख कर तो लग रहा था कि मध्य प्रदेश में कोरोना कदम नहीं रखेगा पर कोरोना को रोकने के लिए कोई भी दरवान (कांग्रेस सरकार / भाजपा सरकार) सक्रिय नहीं था. क्यों कि भाजपा सत्ता में नहीं थी और कांग्रेस अपनी सरकार बचाने जी तोड़ कोशिश में लगी थी. जब यह सक्रिय हुए तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी भेंट मध्य प्रदेश के इंदौर के साथ ही कई जिला चढ़ गए वहीँ फिल्म अब राजस्थान में फिल्माया जा रहा है क्या राजस्थान में भी कोरोना रोकथाम कि जगह सरकार अपनी कुर्सी बचाने को पहला धर्म मानेगी या फिर सियासी महासंग्राम में प्रदेश कि जनता को कोरोना कि भेंट चढ़ा देगी.
कोरोना के बिच बिहार चुनाव को आगे बढ़ने के लिए विपक्ष सहित कई आवाज उठ रही है पर सत्ता कि कुर्सी का महासंग्राम में कोरोना काल में स्वास्थ ही नहीं चुनाव के दौरान आर्थिक बोझ से बढ़ने वाली महंगाई के मार कि भी भेंट चढ़ेगी जनता.
वहीँ मध्य प्रदेश में उपचुनाव को लेकर तेजी से दोनों पार्टियों में प्रचार प्रसार और चुनावी रैलियों के साथ संवाद आदि कार्यक्रम शुरू कर दिए है तो वहीँ जहाँ एक तरफ पूरा प्रदेश लॉक डाउन और कर्फ्यू के कारण घरों में कैद था उस समय चुनावी प्रचार में पेस कॉन्फ्रेंस को अतिआवश्यक कार्य कि श्रेणी में रख कर उनको घरों से बाहर निकल प्रेस वार्ता आयोजित करने कि अनुमति है यहाँ सवाल सिर्फ इतना सा है कि क्या नेता कोरोना प्रूफ है जो उनको या उनके संपर्क में आने वालों को कोरोना नहीं होगा???? – विनायक अशोक लुनिया, प्रधान संपादक, सच्चा दोस्त

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