लॉकडाउन 2 हफ्ते बढ़ने के आसार : जान भी और जहान भी, दोनों बचाना जरूरी – PM मोदी

पीएम लॉकडाउन बढ़ाने का ले चुके है फैसला – CM केजरीवाल


नई दिल्ली. सरकार देशभर में लॉकडाउन को दो हफ्ते के लिए बढ़ाने जा रही है। बस औपचारिक घोषणा का इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार को मुख्यमंत्रियों के साथ करीब चार घंटे चली बैठक के बाद इसके संकेत मिले। बैठक के तुरंत बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया- ‘‘प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन बढ़ाने का सही फैसला ले लिया है।’’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने के सुझाव पर चर्चा की थी। हम इस फैसले में उनके साथ हैं।’’ हालांकि, लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कब होगी, यह अभी साफ नहीं है।

राष्ट्र के नाम संबोधन नहीं

केजरीवाल और ममता बनर्जी के बयानों के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जाने लगा कि प्रधानमंत्री खुद देश को संबोधित कर इसका ऐलान करेंगे, लेकिन सरकार के सूत्रों ने थोड़ी ही देर में साफ कर दिया कि शनिवार रात को मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन नहीं होगा। बैठक खत्म होने के करीब डेढ़ घंटे बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से भी बयान जारी हुआ। इसके मुताबिक, लॉकडाउन खत्म करने की योजनाओं पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि लॉकडाउन को दो और हफ्तों के लिए बढ़ाने पर राज्यों के बीच आपसी सहमति है।’’ थोड़ी ही देर बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान कर दिया कि राज्य में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक रहेगा। इसी के साथ-साथ ममता बनर्जी ने भी बंगाल में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा कर दी।

4 राज्यों में लॉकडाउन बढ़ा, कुल 12 राज्य सरकारें इसके पक्ष में

दिल्ली की तरह 12 राज्य सरकारें लॉकडाउन बढ़ाना चाहती हैं। पंजाब की कांग्रेस सरकार और ओडिशा की बीजद सरकार तो 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला कर चुकी हैं। बाकी राज्यों ने भी मोदी सरकार को कम से कम दो हफ्ते तक लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया है। शनिवार शाम महाराष्ट्र सरकार और बंगाल सरकार ने भी लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला ले लिया। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने शनिवार जब मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 21 दिन में तीसरी बैठक की तो भी इसी तरह के विचार सामने आए। कम से कम 10 मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री से लॉकडाउन बढ़ाने को कहा। इस बैठक में मोदी गमछे को ही मास्क जैसे लगाए नजर आए। इससे पहले मोदी ने 20 मार्च और 2 अप्रैल को भी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा- जान है तो जहान है
बैठक में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा- ‘‘मैं चौबीस घंटे, सातों दिन फोन पर उपलब्ध हूं। कोई भी मुख्यमंत्री कभी भी मुझे सुझाव दे सकता है।’’ उन्होंने कहा- ‘‘जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, तो शुरुआत में इस पर जोर दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत जरूरी है। देश के ज्यादातर लोगों ने बात को समझा और घरों में रहकर दायित्व निभाया। अब भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए जान भी, जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा, तो कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा- आरोग्य सेतु ऐप का ई-पास के तौर पर इस्तेमाल हो सकता है

प्रधानमंत्री ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जरूरी हथियार है। इससे संभावना मिली है कि इसे एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ई-पास के तौर पर इस्तेमाल किया जाए।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में सुझाव दिया कि किसान खेतों में जो उगाते हैं, उसकी डायरेक्ट मार्केटिंग पर उन्हें इंसेंटिव देना चाहिए ताकि मंडियों में भीड़ जमा होने से रोका जा सके। इसके लिए नियमों में बदलाव करने चाहिए। इस तरह के कदम उठाने से किसान लोगों के दरवाजे तक अपनी उपज पहुंचा पाएंगे।
प्रधानमंत्री ने बताया कि वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वो अगले तीन से चार हफ्तों में निर्णायक साबित होंगे। इस चुनौती से निपटने के लिए टीमवर्क जरूरी होगा।
मोदी ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी नहीं होनी चाहिए। पूर्वोत्तर और कश्मीर के छात्रों और हेल्थ वर्कर्स पर हमले निंदनीय हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए प्रोटेक्टिव गियर और जरूरी उपकरण मुहैया कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा- लॉकडाउन खत्म हुआ तो हम सब कुछ खो देंगे
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- भारत की स्थिति दुनिया के कई विकसित देशों से बेहतर है, क्योंकि हमने लॉकडाउन काफी पहले ही कर दिया था। लॉकडाउन अभी खत्म हो गया तो हम सब कुछ खो देंगे।

करीब 70 करोड़ की आबादी वाले 12 राज्य लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में

राज्यआबादी संक्रमितों की संख्या
दिल्ली1 करोड़ 67 लाख 87 हजार 941 903
महाराष्ट्र11 करोड़ 23 लाख 74 हजार 333 1574
पंजाब2 करोड़ 77 लाख 43 हजार 338 151
ओडिशा4 करोड़ 19 लाख 74 हजार 218 50
कर्नाटक6 करोड़ 10 लाख 95 हजार 297 214
उत्तर प्रदेश19 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 433
तेलंगाना3 करोड़ 50 लाख 03 हजार 674 487
राजस्थान6 करोड़ 85 लाख 48 हजार 437 579
असम3 करोड़ 12 लाख 05हजार 576 29
मध्य प्रदेश7 करोड़ 26 लाख 26 हजार 809 451
छत्तीसगढ़2 करोड़ 55 लाख 45 हजार 198 18
पुड्डुचेरी12 लाख 47 हजार 953 7

केजरीवाल और अमरिंदर सिंह ने केंद्र को सुझाव दिया

  • मोदी ने मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन के दौरान दी जा रही जरूरी सेवाओं की श्रेणी बढ़ाने और इसमें कुछ अन्य सेवाओं के लोगों को छूट देने पर सुझाव मांगा। अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री से लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की।
  • केजरीवाल ने दो सुझाव दिए। पहला– लॉकडाउन जारी रखने का फैसला राष्ट्रीय स्तर पर लिया जाए। राज्य अगर अपने स्तर पर लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लेंगे तो यह प्रभावी नहीं होगा। दूसरा– अगर किसी वजह से लॉकडाउन हटाया जाता है तो परिवहन सेवाएं बहाल न हों।
  • कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उद्योगों और कृषि क्षेत्र को लॉकडाउन से छूट देने का सुझाव दिया। उन्होंने पंजाब के लिए अतिरिक्त जांच किट उपलब्ध करवाने की भी मांग की। 

केंद्र सरकार लॉकडाउन के नियमों में कुछ बदलाव कर सकती है

लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को खासा नुकसान हो रहा है, ऐसे में कुछ सेक्टरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की शर्त पर लॉकडाउन से छूट दी जा सकती है। वहीं, आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार की संभावना जताई है। लॉकडाउन से सबसे ज्यादा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा है। ऐसे में सरकार एयरलाइंस कपंनियों को उड़ानें शुरू करने की छूट दे सकती है, लेकिन उन्हें सभी क्लास में बीच की सीट खाली रखनी होगी।

कोरोना पर अब तक मोदी के 3 संबोधन

  • पहला: प्रधानमंत्री ने 19 मार्च को देश को संबोधित किया और जनता कर्फ्यू लगाने की बात कही थी। 22 मार्च को देशभर में सबकुछ बंद रहा। शाम को लोगों ने घरों के अंदर से ही कोरोना फाइटर्स का ताली और थाली बजाकर आभार जताया था।
  • दूसरा: मोदी ने 24 मार्च को संबोधित किया और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से 14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लोग घरों में रहने की लक्ष्मण रेखा का पालन करें।
  • तीसरा: प्रधानमंत्री मोदी ने 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश जारी किया। इस दौरान लोगों से 5 अप्रैल की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर घरों में दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने की अपील की थी।

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