“करोना” With Audio


कर रहा है समग्र विश्व त्राहि त्राहि जिससे,
उसका नाम है करोना ।
कर विध्वंश प्रकृति का ये मानव,
कह रहा है उससे तो लड़ो ना ।
दूर रह कर ही बढ़ेगी अब नजदिकीयॉ,
बोल रहा है करोना ।
कह रहा है छोड़ संग साथी का,
कुछ दिन अकेले रहो ना ।
कर रहा है समग्र विश्व त्राहि त्राहि जिससे,
उसका नाम है करोना ।
चीखकर कह रहा है साथ ले प्रकृति का न
तभी आगे बढ़ो ना ।
दया जीवन पर अब दिखा,
नव-जीवन प्रारंभ करो ना ।
मानवता को मार मानव को,
बचाने की बात करो ना ।
कर रहा है समग्र विश्व त्राहि त्राहि जिससे,
उसका नाम है करोना ।
कर रहे थे तांडव अब तक जो,
कह रहे है अब शिव से तांडव करो ना ।
भाग रहे हो जो माया के पीछे ,
अब तो कुछ देर रूको ना ।
धो दिया हाथ बार-बार ,
अब तो हृदय साफ करो ना ।
कर रहा है समग्र विश्व त्राहि त्राहि जिससे,
उसका नाम है करोना ।
कर दिया परिवर्तन विश्व की सोच में,
उसका नाम है करोना ।
हर्ष हुआ देखकर एक हुआ विश्व ये,
जबसे है ये करोना ।
ना हुआ आतंक से साक्षात्कार,
जबसे है ये करोना ।
आई प्रकृति में भी थोड़ी सी बहार ,
जबसे है ये करोना ।
कर दिया परिवर्तन विश्व की सोच में,
उसका नाम है करोना ।
हुआ तांडव बहुत नटराज,
अब तो जरा ठहरो ना ।
मानव बन कर ही अब,
इस दानव को भस्म करो ना।
जीत जायेगें ये जंग हम,
दोस्त अब तुम डरो ना ||
——-अमित जैन (सह- संपादक बैंगलोर कर्नाटक )

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