आचार्य नरेन्द्र सूरीजी के 50वें एवं मुनिराज जिनेन्द्र विजयजी मसा के 34वें चातुर्मास के तहत शहर में हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश, विशाल शोभायात्रा के साथ पैलेस गार्डन पर हुआ भव्य धर्मसभा का आयोजन

आचार्य नरेन्द्र सूरीजी के 50वें एवं मुनिराज जिनेन्द्र विजयजी मसा के 34वें चातुर्मास के तहत शहर में हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश, विशाल शोभायात्रा के साथ पैलेस गार्डन पर हुआ भव्य धर्मसभा का आयोजन

सच्चा दोस्त लाइव से झाबुआ संवाददाता दौलत गोलानी की रिपोर्ट
झाबुआ। 11 जुलाई, गुरूवार को वह ऐतिहासिक अवसर था, जब श्री नवल स्वर्ण जंयती चातुर्मास-2019 को लेकर परम् पूज्य आचार्य देवेष श्रीमद् विजय नरेन्द्र सूरीष्वरजीम मसा ‘नवल’ एवं मुनिराज श्री जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ का झाबुआ शहर में ऐतिहासिक मंगल प्रवेष हुआ। नवल एवं जलज का विषाल शोभायात्रा के साथ शहर में आगमन हुआ। जिसका सकल जैन समाज साक्षी बना और शोभायात्रा में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेकर महिलाएं जहां अपने सिर पर कलष लेकर चली तो बालक-बालिकाएं जगह-जगह नृत्य करते हुए शामिल हुए। बैंड-बाजों पर प्रस्तुत धार्मिक गीतों और ढोल-ताषों से पूरा शहर गूंजायमान हुआ। हाथी-घोड़े पर लाभार्थी भगवान एवं गुरूदेव के चित्रों को लेकर चले। आचार्य एवं मुनिराज के जयकारों से पूरा शहर गूंजायमान हुआ। विभिन्न समाजजनों एवं संस्थाओं ने पलक-पावड़े बिछाकर आचार्य एवं मुनिराज का भव्य स्वागत-वंदन किया। हर धर्म-समाज, राजनैतिक पार्टियों ने भी आचार्य श्रीजी का बहुमान कर दर्षन-वंदन का लाभ प्राप्त किया। बाद पैलेस गार्डन पर हुई भव्य धर्मसभा में आचार्य श्रीजी ने चातुर्मास में समाजजनों को जप-तप एवं आराधना के साथ सभी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने हेतु आव्हान किया।
11 जुलाई गुरूवार को सुबह 8.30 बजे सकल श्री संघ की ओर से श्री गोड़ी पार्ष्वनाथ मंदिर पर नवकारसी का आयोजन रखा गया। जिसका समाजजनों ने लाभ लिया। बाद यहां श्री पार्ष्वनाथ भगवान के आचार्य एवं मुनिराज द्वारा दर्षन करने के पश्चात् विषाल शोभायात्रा आरंभ हुई। जिसमें सबसे आगे हाथी पर बैठने का लाभ मोना-टीना, क्रिष रूनवाल परिवार ने प्रापत किया। इसके पीछे दो अष्वां (घोड़ो) पर समाज के ध्वज लेकर लवेष सिद्धार्थ वागरेचा एवं कांठी परिवार के बालक चले। झाबुआ जिले की संस्कृति के अनुरूप आदिवासी नृतक द्वारा आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया गया। बैंड-बाजों पर प्रस्तुत धार्मिक गीतों से पूरा शहर गूंजायमान हुआ। विषेष बग्घी में पहली बग्घी पर श्यामबाई रूनवाल परिवार दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा के चित्र को लेकर बैठा था तो दूसरी बग्गी में माणकबाई लोढ़ा परिवार त्रि-स्तुतिक परंपरा के महान संत पूज्य मुनिराज देवेन्द्र विजयजी मसा के चित्र को लेकर विराजमान हुआ। इसके पीछे ढोल-ताषों की आवाज पूरे शहर में गूंजायमान हुई। समाज के बालक-बालिकओं ,द्वारा उत्साह के साथ जगह-जगह नृत्य किया गया। सिर पर कलष लेकर विभिन्न महिला एवं बालिका मंडलों की बालिकाएं अपने-अपने मंडल की वेषभूषा में कतारबद्ध होकर चली। नवकार ग्रुप की महिलाओं ने जगह-जगह सुंदर नृत्य एवं अपने अभिनव के माध्यम से आचार्य एवं मुनिराज के नगरागमन पर उनका भव्य स्वागत-वंदन किया। दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा के चित्र के सम्मुख जगह-जगह समाजजनों ने गहूली की। इसके पीछे आचार्य नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा एवं मुनिराज जिनेन्द्र विजयजी मसा चले। सबसे अंत में समाज का पुरूष वर्ग चला। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में सकल जैन समाजजनों की सहभागिता रहीं।


इन मार्गों से निकली विषाल शोभायात्रा
यह शोभायात्रा शहर के श्री गोड़ी पार्ष्वनाथ मंदिर से सुबह करीब 9.15 बजे प्रारंभ हुई, जो हाईवे मार्ग से राजगढ़ नाका, डीआरपी लाईन तिराहा, नेहरू मार्ग, श्री गौवर्धननाथ मंदिर तिराहा, आजाद चौक, बाबेल चौराहा, थांदला गेट, रूनवाल बाजार, श्री ऋषभदेव बावन जिनालय, लक्ष्मीबाई मार्ग, राजवाड़ा होते हुए पैलेस गार्डन पर पहुंची। यात्रा को श्री गोड़ी पार्ष्वनाथ मंदिर से पैलेस गार्डन पहुंचने में करीब 3 घंटे का समय लगा।


जगह-जगह भव्य स्वागत के साथ की गई आगवानी


नवल एवं जलज की आगवानी को लेकर शहर में जगह-जगह समाजजन एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के साथ राजनैतिक पार्टियों से जुड़े लोग भी आतुर दिखाई दिए। शोभायात्रा के मार्गों पर सुंदर-सुंदर रांगोलियों का निर्माण, प्रवेष द्वार बनाए जाने, घरों में तारण लगाए जाने के साथ जगह-जगह होर्डिंग्स-बेनर भी लगे दिखाई दिए। वहीं आचार्य श्रीजी के दर्षन-वंदन का लाभ कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. विक्रांत भूरिया, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती मन्नूबेन डोडियार, मानसिंह मेड़ा, जिला कांग्रेस प्रवक्ता हर्ष भट्ट, देवेन्द्रप्रसाद अग्निहोत्री वहीं भाजपा की ओर से वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याणसिंह डामोर, नगर मंडल अध्यक्ष दीपेष बबलू सकलेचा, संदीप पाल, अर्जुन चौहान सहित अन्यजनों ने लिया। इसी प्रकार सकल व्यापारी संघ की ओर से अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर, उपाध्यक्ष कमलेष पटेल, सचिव पंकज जैन मोगरा, सह-सचिव हरिष शाह लालाभाई, कोषाध्यक्ष राजेष शाह, सह-कोषाध्यक्ष मधुकर शाह, मीडिया प्रभारी दौलत गोलानी, वरिष्ठजनों में मनोज बाबेल, कपिल गादिया, युवा हार्दिक अरोरा आदि ने, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट की ओर से संस्थापक अध्यक्ष राजेष नागर, सेवा प्रकल्प परामर्षदाता सुधीरसिंह कुषवाह, अध्यक्ष रविराजसिंह राठौर, सचिव सुनील चौहान, वरिष्ठ सदस्य अषोक शर्मा, इंदरसेन संघवी, श्रीमती कुंता सोनी, सुषीला भट्ट, आदि ने भी आचार्य श्रीजी का कामली ओढ़ाकर बहुमान किया। बोहरा समाज की ओर से वरिष्ठ नुरूद्दीनभाई बोहरा के नेतृत्व में समाजजनों ने आचार्य श्रीजी को कामली ओढ़ाई एवं अभिनदंन किया। थांदला गेट पर बटू अग्निहोत्री, नाथुभाई मिस्त्री, मानसिंह मेड़ा आदि ने स्वागत किया।


चातुर्मास कार्यालय का किया शुभारंभ


शोभायात्रा के श्री ऋषभदेव बावन जिनालय पहुंचने पर आचार्य श्रीजी द्वारा सर्वप्रथम चातुर्मास कार्यालय का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। बाद अंदर प्रवेष कर वाक्षेप पूजन की गई। तत्पष्चात् बावन जिनालय में प्रवेष कर भगवान आदिनाथजी एवं दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा के दर्षन किए। पूरे शोभायात्रा के दौरान पुलिस प्रषासन, यातायात पुलिस एवं नगरपालिका की ओर से विषेष व्यवस्था रहीं।


संगीतमय आर्केस्ट्रा के साथ विभिन्न बोलियां लगाई गई


पैलेस गार्डन पर भव्य धर्मसभा का आयोजन हुआ। सर्वप्रथम सामूहिक गुरूवंदन श्री संघ के पूर्व व्यवस्थापक धर्मचन्द मेहता ने करवाया। मंगलारण आचार्य नरेन्द्र सूरीजी ने किया। आचार्य श्रीजी की प्रथम गहूली संतोषकुमार, सुनिता, मोना, टीना, क्रिष रूनवाल परिवार द्वारा की गई। बाद भगवान पार्ष्वनाथजी, दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा एवं देवेन्द्र विजयजी मसा के चित्र पर दीप प्रज्जवलन एवं वाक्षेप पूजन की बोलियां लगाई गई। इस बीच संगीतमय आर्केस्ट्रा के साथ मेरा एक साथी है … वह गुरूवर है …, गुरूवर हमको दीजिए जन्म-जन्म का साथ …. की प्रस्तुति संचालनकर्ता हितेष जगावत, मुंबई द्वारा दी गई।


नवकार ग्रुप की महिलाओं ने सुंदर गीत प्रस्तुत किया


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी बीजी मेहता, भोपाल उपस्थित थे। वहीं अन्य अतिथियों में बाहर से आए हुक्मीचंद आहोर, रमेष जोगापुरा मौजूद रहे। प्रथम बोली राहुलकुमार अमृतलाल संघवी राहुल इंवेट एवं जय कम्प्यूटर ने ली। दीप एवं धूप प्रज्जवलन की बोली चातुर्मास समिति के अध्यक्ष कमलेष, सुजानमल कोठारी परिवार ने ली। वाक्षेप पूजन की बोली संतोषकुमार रूनवाल परिवार ने लेकर लाभ प्राप्त किया। इस दौरान सुंदर गीत नवकार ग्रुप की महिलाओं ने प्रस्तुत किया। गुरू वंदन गीत की प्रस्तित बहू मंडल की महिलाओं ने दी। रूनवाल परिवार की श्राविकाओं ने मंगल गीत गाया। चातुर्मास समिति अध्यक्ष कमलेष कोठारी ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर चांदी के पट्ट एवं शांति कलष सूरी मंत्र जाप की बोलियां भी बोली गई, जो निलेषकुमार बाबुलाल लोढ़ा परिवार ने ली। गुरूदेवजी को कामली ओढ़ाने का लाभ हिम्मतलाल परमार एवं चातुर्मास हेतु सहयोग राषि देने की घोषणा दलीचंद भीकमचंद संघवी परिवार ने की।


गुरूदेवजी का बहुमान किया गया


बाद आचार्य नरेन्न्द्र सूरीजी का बहुमान का लाभ राहुल अमृतलाल संघवी परिवार निवासी बड़ौदा द्वारा लेते हुए गुरूदेव का बहुमान किया गया। इसके साथ ही श्वेतांबर श्री संघ झाबुआ की ओर से संजय मेहता, सुभाष कोठारी, रिंकू रूनवाल आदि ने भी आचार्य श्रीजी एवं मुनिराज का कामली ओ़ढ़ाकर बहुमान किया। सकल जैन समाज की ओर से भी आचार्य श्रीजी को कामली ओढ़ाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीजी मेहता का मंच पर शाल ओढ़ाकर श्रीफल भेंटकर चातुर्मास समिति की ओर से वरिष्ठ यषवंत भंडारी, निलेष लोढ़ा, कमलेष कोठारी, संतोष रूनवाल, जितेन्द्र जैन, अषोक रूनवाल, अक्षय लोढ़ा, मधुकर शाह आदि ने किया। वर्षीतप की तपस्वी मोना रूनवाल का भी चातुर्मास समिति एवं श्वेतांबर श्री जैन संघ की ओर से भावभरा बहुमान किया गया।


चातुर्मास में जप-तप एवं आराधना में लीना होना है


अंत में संक्षिप्त में मंगल प्रवचन देते हुए आचार्य श्री नरेन्द्र सूरीजी एवं जिनेन्द्र विजयजी मसा ने समाजजनां से कहा कि आपको चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रवचनों का श्रवण कर धर्म लाभ लेने के साथ इन दिनों में जप-तप एवं आराधना में पूर्णत लीन होकर धर्म और आस्था के प्रति अपनी समर्पण भावना को प्रस्तुत करना है। मनुष्य को मोक्ष मार्ग पर प्रषस्त होने के लिए नियमित धर्म क्रियाआं में लीन रहना जरूरी है। धर्मसभा का संचालन चातुर्मास समिति के कार्यक्रम संयोजक यषवंत भंडारी ने किया एवं अंत में आभार चार्तुमास समिति के अषोक रूनवाल ने माना।। तत्पष्चात् बावन जिनालय स्थित धर्मषाला में सभी के साधर्मी वात्सल्य का आयोजन हुआ।


फोटो 001 -ः शोभायात्रा में हाथी पर सवार मोना-टीना, क्रिष रूनवाल परिवार।


फोटो 002 -ः विषेष बग्गी में गुरूदेव एवं मुनिराज के चित्र पर को लेकर लाभार्थी परिवार विराजमान हुए।


फोटो 003 -ः सिर पर कलष लेकर चलती विभिन्न मंडलों की महिलाएं।


फोटो 004-ः घोड़े पर ध्वज लेकर सवार बालक।


फोटो 005-ः नवकार ग्रुप की महिलाआें ने राजवाड़ा पर सुदंर नृत्य प्रस्तुत किया।


फोटो 006-ः श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में दादा गुरूदेवजी के दर्षन-वंदन करते आचार्य नरेन्द्र सूरीजी एवं मुनिराज जिनेन्द्र विजयजी मसा।


फोटो 007-ः पैलेस गार्डन पर धर्मसभा में संगीतमय आर्केस्ट्रा और समुधर गीतों के बीच आचार्य श्री एवं मुनिराज ने दिए प्रवचन।


फोटो 008-ः धर्मसभा में उपस्थित सकल जैन समाज।


फोटो 009-ः मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी बीजी मेहता का भावभरा सम्मान चातुर्मास समिति की ओर किया गया।

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