पूर्व सांसद भूरिया एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अंतरिम बजट को निराशाजनक बताया मंहगाई की मार से त्रस्त होगी आम जनता

पूर्व सांसद भूरिया एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अंतरिम बजट को निराशाजनक बताया
मंहगाई की मार से त्रस्त होगी आम जनता

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झाबुआ। अंतरिम बजट में केन्द्रिय वित मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिये गये बजट को लेकर निराशा जताते हुये पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता ने बजट को पुरी तरह निराशाजनक बताते हुये कहा कि भले ही केन्द्र सरकार ओर उनके मंत्रीगण दावा करे की अंतरिम बजट नये भारत के उदय का द्योतक है। लेकिन हकिकत यह है कि अच्छे दिन का इंतजार कर रहे आमजन इससे निराश ही हुये है। आमजनो को मोदी सरकार से जिस प्रकार की बजट की अपेक्षा थी उस पर जरा भी खरे नही उतरे। गांव, गरीबो ओर किसानो के साथ बजट में बेरोजगार युवा पिढी के लिये कुछ भी नही किया गया। इन वर्गो की दशा व दिशा पुरी तरह दयनिय हो चुकी है तथा मंहगाई से ता्रहीमाम करता आमजन ओर अधिक मंहगाई के चक्के मे पिसता चला जायेगा। श्री भूरिया एवं श्री मेहता ने कहा कि बजट में मंहगाई को नियंत्रित करने के कोई भी उपाय बताये गये है ओर ना ही कोई प्रावधान किये गये है। अच्छी बारिश ओर अच्छी फसल के साथ देश में मंहगाई कम हो जायेगी इसकी कोई ग्यारंटी नही है। नेताद्वय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद पहली बार पूर्वकालिक वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सितारमण ने जो बजट दिया है वह बजट गरीब मजदूर ओर मध्यम वर्ग के लोगो को कोई राहत नही देंगा। अच्दे दिन आने जैसा सुनहरा सपना मोदी सरकार प्रचारित कर रही है किन्तु बजट में उसकी रूपरेखा कही से कही तक नही दिखाई दे रही है। किस मद मे कितना खर्च होगा इसका कही भी उल्लेख नही है ओर यह सिर्फ कल्पनाओ पर आधारित बजट है। बजट में कुछ भी नया नही है ओर पूराने वादो को नये सिरे से दोहराया गया है। सुनहरे सपने दिखाने में माहिर मोदी सरकार का बजट सिर्फ सपनो की दुनिया मेले जाने वाला है। सिर्फ अमिरो को ही लाभ देने का बजट में प्रावधान दिखाई दे रहा है। यह बजट अमिरो को केन्द्र में रखकर तैयार किया गया है। डिजल व पेट्रोल पर सेस लगाकर परिवहन एवं ट्रांसर्पोटेशन को मंहगा करके देश में तेजी से मंहगाई बढाने का प्रयास किया है। जिससे गरीबो एवं सामान्य वर्गो पर ही मार पडेगी। गांव गरीब के साथ ही बेरोजगार की बेहतरी के लिये प्रावधान का ना होना प्रावधान का न होना मोदी सरकार की विफलताएं कही जायेगी। पूर्णकालिक निराशाजनक यह बजट होने के साथ ही पिछले साल की जो कर राशी 6.38 लाख करोड थी वह बढकर चालू वर्ष में 11.37 लाख करोड होने की संभावना दिखाई दे रही है। सरकार ने अमिरो पर जो टैक्स लगाया है वह टैक्स कंपनिया उपभोक्ताओ से ही वसुल करेंगी। श्री भूरिया एंव श्री मेहता ने इस बजट को गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारो की परेशानियांे को बढाने वाला बताया है। बजट से आमजनो को केवल सब्जबाग दिखाने का काम किया गया है।

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