अंदरखाने की खबर… प्रभारी मंत्री के दौरे में सक्रिय रहे पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया एवं पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा, विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस संभवतः इन दोनो में से एक को बना सकती है पार्टी का उम्मीद्वार

अंदरखाने की खबर…
प्रभारी मंत्री के दौरे में सक्रिय रहे पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया एवं पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा, विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस संभवतः इन दोनो में से एक को बना सकती है पार्टी का उम्मीद्वार
रिपोर्टर – दौलत गोलानी झाबुआ

प्रभारी मंत्री के सर्किट हाऊस पहुंचते ही कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं का लगा भारी जमावड़ा
झाबुआ। मप्र में सत्ता में वर्तमान में कांग्रेस पार्टी काबिज है और जिसकी लाठी उसकी भैंस, अर्थात सरकार के ईषारों एवं निर्देषों पर चलना प्रषासन की मजबूरी होती है। यहीं नजारा 14 जून, शुक्रवार को मप्र शासन के नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेन्द्रसिंह बघेल (हनी भैया) ने पूरे झाबुआ दौरे के दौरान देखने को मिला। जिला प्रषासन प्रभारी मंत्री के ईषारों पर कार्य करता देखा गया। प्रभारी मंत्री के सर्किट हाऊस पहुंचने पर उनकी आगवानी की। वहीं प्रभारी मंत्री ने भी यहां कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को अपने कक्ष मंे बुलाकर करीब 15-20 मिनिट तक गोपनीय चर्चा की। इसी दौरान जिला प्रषासन के अन्य अधिकारियों के साथ कई विभागों के अधिकारी भी सर्किट हाऊस पर मौजूद नजर आए एवं प्रभारी मंत्री के आने पर उनके इर्द-गिर्द चक्कर काटते दिखाई दिए।
वहीं यदिं राजनैतिक स्तर से बात की जाए कि प्रभारी मंत्री श्री बघेल का यह दौरा कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं के लिए भी काफी महत्वपूर्ण रहा। जहां सर्किट हाऊस में प्रभारी मंत्री के आगमन पर आम जनमानस अपनी-अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन देने के लिए पहले से मौजूद नजर आए और प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु मांग की तो वहीं स्वयं कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं, यहां तक की जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभारी मंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में मांगों संबंधी पत्र प्रेषित किया। मुख्य रूप से पेयजल समस्या, जमीन आवंटन संबंधी मांगों के पत्र प्रभारी मंत्री को सौंपकर उसके निराकरण हेतु मांग की गई। उधर विभिन्न षिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने भी प्रभारी मंत्री से मुलाकात कर उनका स्वागत कर उन्हें अपनी मांगों के ज्ञापन सौंपे एवं प्रभारी मंत्री का स्वागत भी किया गया।
पार्टी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा
प्रभारी मत्रंी सर्किट हाऊस पर शुक्रवार को दोपहर ठीक 12.30 बजे पहुंचे। उनके आते ही कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने उनका गर्म जोषी से स्वागत किया। बाद वे पूरे समय सर्किट हाऊस में प्रभारी मंत्री के इर्द-गिर्द ही घूमते नजर आए। इस बीच प्रभारी मंत्री ने कक्ष के अंदर प्रवेष कर पार्टी के दो विधायक थांदला से वीरसिंह भूरिया एवं पेटलावद से वालसिंह मेड़ा को भी कक्ष में पृथक से बुलाकर उनसे चर्चा की।
पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया एवं पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा सक्रिय
उधर मप्र शासन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री के दौरा कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीयी एवं पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया के साथ पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा भी पूरी तरह से सक्रिय दिखाई दिए। जेवियर मेड़ा तो अपने समर्थकों के साथ सर्किट हाऊस पहुंचे थे और प्रभारी मंत्री को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ एक पत्र भी प्रस्तुत किया। वहीं पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया उनके पूरे दौरे कार्यक्रम में साथ रहे। सर्किट हाऊस पर प्रभारी मंत्री के आगमन से लेकर जियोस की बैठक और जिले में होने वाले अन्य सभी कार्यक्रम में कांतिलाल भूरिया की प्रभारी मत्रंी के साथ मौजूदगी रहीं।
दोेनो ही कर रहे पार्टी से टिकीट के लिए दावेदारी
अंदरूनी सूत्रों की माने तो वर्तमान में कांग्रेस से कांतिलाल भूरिया और जेवियर मेड़ा दोनो ही आगामी विधानसभा के उप-चुनाव में टिकीट के लिए दावेदारी कर रहे है और इसी को लेकर प्रभारी मंत्री के पूरे दौरे के दौरान चर्चाओं का दौर चलता रहा। सांसद के चुनाव में बुरी तरह से पराजित होने के बाद अब कांतिलाल भूरिया की नजर विधायक चुनाव पर है। यदि वे यह चुनाव जीत जाते है, तो तय है कि पार्टी उनकी वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें मंत्री पद से जरूर नवाजेगी और उन्हें मंत्रिमंडल में उन्हें कोई अच्छा ही पद से शोभायमान किया जाएगा वहीं दूसरी ओर जेवियर मेड़ा, जो भी कि पूर्व में कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़कर एक बार विधायक रह चुके है, बीते विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी से टिकीट नहीं मिलने पर कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय के रूप में अपना भाग्य आजमाया था और इसका फायदा भाजपा प्रत्याषी को मिलने से भाजपा प्रत्याषी की जीत हुइ्र।
घर का भेदी लंका ना ढाएं
फिर एक बार ऐसे ही समीकरण बनते देखे जा रहे है, यदि कांग्रेस से जेवियर मेड़ा को टिकीट नहीं मिलता है तो वह कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव भी लड़ सकते है, जिसका लाभ भाजपा प्रत्याषी को भी मिल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के आला कमान को चाहिए कि वह पार्टी से इस सीट के लिए योग्य उम्मीद्वार को ही टिकीट देने के साथ ही टिकीट के अन्य दावेदारांे से भी तालमेल बनाकर पार्टी के पक्ष में काम करने हेतु उन्हें तैयार करे, वरना ऐसा ना हो कि घर का भेदी लंका ढ़ाए और उप चुनाव में कांग्रेस का किला ध्वस्त हो जाए, फिलहाल तो पार्टी के पास इस पर विचार मंथन के लिए काफी समय है, क्योकि अभी तो उप-चुनाव की तिथि भी घोषित नहीं हुई है।


फोटो 007 -ः प्रभारी मत्रंी के सर्किट हाऊस पहुचंने पर उन्हें ज्ञापन एवं पत्र सौंपने का चला दौर।


फोटो 008 -ः प्रभारी मंत्री सुरेन्द्रसिंह बघेल के साथ पूरे समय पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया रहे मौजूद।

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