लोक रंग षिविर के समापन पर बच्चों ने अपनी सीखी विद्याओं नृत्य, नाटक, संगीत एवं चित्रकला से दर्षकों का मोहा मन, एक से एक बढ़कर रोमांच भर देने वाली प्रस्तुतियां दी

लोक रंग षिविर के समापन पर बच्चों ने अपनी सीखी विद्याओं नृत्य, नाटक, संगीत एवं चित्रकला से दर्षकों का मोहा मन, एक से एक बढ़कर रोमांच भर देने वाली प्रस्तुतियां दी


झाबुआ। लोक रंग संस्था द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ग्रीष्मकालीन अवकाष में लोक रंग षिविर (मस्ती की पाठषाला) का आयोजन शहर के बाबेल कंपाउंड में आरएसएस कार्यालय के समीप संस्था कार्यालय पर किया गया। जिसमें षिवरार्थी बच्चों को नृत्य, नाटक, संगीत एवं चित्रकला में पारंगत किया गया। षिविर के समापन पर 25 मई, शनिवार देर शाम स्थानीय पैलेस गार्डन पर रंगारंग कार्यक्रम रखा गया।
समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वतीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर अतिथियों में वरिष्ठ समाजसेवी अजय रामावत, मनीष व्यास, सकल व्यापारी अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर एवं युवा व्यवसायी अतिषय देषलहरा द्वारा किया गया। स्वागत उद्बोधन लोक रंग संस्था के मुख्य प्रषिक्षक आषीष पांडे ने दिया। अतिथियों का परिचय समापन कार्यक्रम का संचालन कर रहीं मनाली कोठारी ने दिया। साथ ही लोक रंग संस्था के बारे में जानकारी देकर संस्था के सेवाभावी सदस्यों का भी परिचय दिया। बाद षिविर में प्रतिभागी बच्चों ने नृत्य में षिव तांडव नृत्य, मलहारी नृत्य, पढ़ोंगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, फिल्मी गीत पर बालिकाओं द्वारा युगल एवं सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांधा गया। ट्रेन में सीट पर कब्जा जमाने को लेकर प्रस्तुत सुदंर नाटक को भी काफी सराहा गया। संगीत में फिल्मी गीतों पर षिविरार्थी बच्चो ने अपनी सुंदर प्रस्तुतियां दी। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर चित्रकला की प्रदर्षनी भी लगाई गई।
लोक रंग के सभी सदस्य काफी सेवाभावी
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों में वरिष्ठ समाजसेवी अजय रामावत ने लोक रंग संस्था के सभी सदस्यों की प्रसंषा की एवं जो भी आवष्यक सहयोग हो, देने की बात कहीं। सकल व्यापारी संघ अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर ने कहा कि लोक रंग जिले की बाल प्रतिभाओं को उनके हुनर अनुसार प्रोत्साहन देकर उन्हें उचित प्लेटफार्म प्रदान करने का कार्य कर रहा है। संस्था के सभी युवा कलाकार काफी सेवाभावी एवं समर्पित है। मनीष व्यास ने कहा कि लोक रंग संस्था साज रंग संस्था की तरह ही शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बच्चों की विभिन्न प्रतिभाओं को निखारने का काम करती है, आज के समापन कार्यक्रम में षिविरार्थि बच्चों को एक से बढ़कर एक रोमांच भरी प्रस्तुति देकर मैं काफी अभिभूत हूॅ।
प्रतीक चिन्ह देकर किया सम्मान
बाद अतिथियों का लोक रंग संस्था के युवा कलाकारों में आषीष पांडे, विकास पांडे, श्री दोहरे, विरेन्द्रसिंह राठौर, प्रतिभागी बच्चों सहित संस्था के अन्य सदस्यों द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय विभाग से अधिकारी सहित षिविरार्थी बच्चें एवं उनके अभिभावकगण और परिवाजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में आभार आषीष पांडे ने माना।


फोटो 005 -ः फिल्मी गीत पर समूह में नृत्य की प्रस्तुति देते हुए बालिकाएं।


फोटो 006 -ः पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब … पर प्रस्तुति देते षिविरार्थी बच्चें।


फोटो 007 -ः मंच पर संगीत की भी प्रस्तुति दी गई

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