करतारपुर कॉरिडोर 9 नवंबर को खुलेगा, रोज 5 हजार तीर्थयात्री कर सकेंगे दर्शन – प्रोजेक्ट डायरेक्टर

इस्लामाबाद. करतारपुर कॉरिडोर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आतिफ माजिद ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान में 9 नवंबर को इसका उद्घाटन किया जाएगा। 11 नवंबर को गुरु नानक देव की जयंती मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में भारत से हर दिन 5 हजार तीर्थयात्री दर्शन के लिए आ सकेंगे। बाद में इस संख्या को बढ़ाकर हर दिन 10 हजार कर दिया जाएगा।
माजिद ने कहा, ‘‘शरणार्थियों के लिए 152 काउंटर बनाए जाएंगे। जीरो पाइंट से 350 मीटर दूर बॉर्डर टर्मिनल बनाए जाएंगे। हम आगंतुकों को बिल्कुल एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मुहैया करवाएंगे।’’ इससे पहले जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत-पाक के बीच बैठक हुई थी। इसमें दोनों देशों की ओर से 15-15 अधिकारी मौजूद थे।
पाक भारतीय श्रद्धालुओं को परमिट जारी करेगा
यह कॉरिडोर पाक के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा। 1947 के बाद से यह पहला मौका होगा, जब भारतीय श्रद्धालु बगैर वीजा के दरबार साहिब जा सकेंगे। पाक भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा की जगह परमिट जारी करेगा।
भारत ने पाक से अपने क्षेत्र में एक ब्रिज बनाने की बात कही
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में पाकिस्तान से कहा था कि हम जीरो पॉइंट पर एक ब्रिज बना रहे हैं, आप भी अपने क्षेत्र में ऐसा ही एक ब्रिज बनाएं। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुख्ता हो जाएगी। वे सीधे दर्शन के लिए दरबार साहिब पहुंच सकेंगे। यह पुल एक नाले के ऊपर बनेगा, जिसका अधिकांश भाग पाकिस्तान में पड़ता है।
वीजा प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी
पाकिस्तान में गुरु नानकदेव की 550वीं जयंती पर सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा/परमिट प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। पाक की तरफ से कहा गया था कि करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट इसी साल नवंबर में पूरा कर लिया जाएगा। गुरु नानक जयंती के लिए कार्यक्रम नवंबर से ही शुरू होना है।
कॉरिडोर 31 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद
करतारपुर कॉरिडोर पंजाब में गुरदासपुर से तीन किमी दूर भारत-पाकिस्तान की सीमा से लगा होगा। सिख श्रद्धालु इस कॉरिडोर से पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सीधे दर्शन के लिए जा सकेंगे। 1539 में गुरु नानक देव ने अपना आखिरी वक्त यही बिताया था।
साप्ताहिक बस सेवा और व्यापार भी बंद: सूत्र
इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से श्रीनगर के बीच चलने वाली साप्ताहिक बस सेवा कारवां- ए-अमन समेत व्यापार भी चार मार्च से ही बंद है।नियंत्रण रेखा पर तनाव और कश्मीर घाटी में मौजूदा स्थिति के कारण इसके फिर शुरू होने के फिलहाल कोई आसार नहीं है।

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