भाजपा श्री राम तो माँ दुर्गा की शरण मे ममता

कोलकाता। लोकसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में प्रवेश कर चुका है और इसी के साथ राजनीतिक दलों ने एक दूसरे पर हमले भी और तेज कर दिए हैं. यूपी के बाद सबसे अधिक हलचल अगर कहीं देखने को मिल रही है, तो वो बंगाल में है. यहां ममता बनर्जी और पीएम मोदी के बीच जुबानी युद्ध छिड़ा हुआ है. चुनाव प्रचार में बीजेपी एक बार फिर हिंदुत्व और भगवान राम को मुद्दा बना रही है, तो वहीं ममता इसका जवाब देने के लिए मां दुर्गा की शरण में चली गई हैं.

बीजेपी के हिंदुत्व को ममता ने चुनाव के आखिरी दो चरणों में कड़ी टक्कर दी है. ममता बंगाल के लोगों को राज्य की अनूठी संस्कृति और परंपराओं की याद दिला रही हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, एक जनसभा में टीएमसी सुप्रीमो ने अपनी सरकार द्वारा जनता के लिए किए गए काम याद दिलाए और नोटबंदी, किसान आत्महत्या व बेरोजगारी जैसे मुद्दा को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा.

ममता के भाषण में हिंदुत्व की झलक
सिर्फ इतना ही नहीं अब ममता के भाषण में हिंदुत्व की भी झलक देखने को मिल रही है. बंकुरा के बोरजोरा में एक फुटबॉल ग्राउंड में ममता ने बड़ी जनसभा को संबोधित किया. बीजेपी के हिंदुत्व को टक्कर देने के लिए ममता ने कहा कि भगवान राम बीजेपी के इलेक्शन एजेंट हैं. सीता मैया भगवान राम से पूछ रहीं हैं, अब बीजेपी आपको क्यों पुकार रही है. इसके जवाब में राम कह रहे हैं, क्योंकि अब चुनाव है. पांच साल में मोदी एक छोटी सी राम मूर्ति भी नहीं बनवा पाए.

उन्होंने कहा कि जब हम क्लबों को दुर्गा पूजा के लिए 10 हजार रुपए देते हैं, तो बीजेपी इसके खिलाफ कोर्ट चली जाती है. दुर्गा पूजा आयोजित कराने को लेकर 40 क्लबों को इनकम टैक्स की ओर से नोटिस जारी होता है. क्या आपमें (पीएम मोदी) कोई शर्म नहीं. प्रधानमंत्री बंगाल आने से पहले कभी अपना होमवर्क कर के नहीं आते. वो झूठे हैं. हम बंगाल में दुर्गा पूजा, काली पूजा, रास मेला, लक्ष्मी पूजा सब धूमधाम से मनाते हैं.
क्या संदेश देना चाहती हैं ममता
ममता अपने भाषण के जरिए ये संदेश देना चाहती हैं कि बंगाल में जिस तरह से लोग धर्म को अपनाते हैं, उसमें बीजेपी के हिंदुत्व की गूंज कहीं नहीं है. बंगाल सीएम ने कहा कि हम दुर्गा पूजा, छठ पूजा, होली, क्रिस्मस और ईद मनाते हैं. ये हमारी संस्कृति है. हम रामकृष्ण की धर्ती से हैं. ऐसे समय में जब बीजेपी पूरे देश में बांटने की राजनीति खेल रही है, सिर्फ बंगाल ही ऐसा राज्य है, जो इस संस्कृति को बचा सकता है.

सेक्यूलर इमेज नहीं खोना चाहती ममता
हिंदुत्व के साथ-साथ ममता अपनी सेक्यूलर भी इमेज खोना नहीं चाहती हैं. पिछले हफ्ते पश्चिम मिदनापुर जिले में कथित रूप से ममता के काफिले के पास ‘जयश्री राम’ का नारा लगाने को लेकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. बीजेपी ने इस मामले को खूब उठाया और ममता पर मुस्लिम वोरटर्स के तुष्टिकरण का आरोप लगाया. लेकिन बंकुरा में मंगलवार को दिए अपने भाषण में ममता ने रमजान के महीने में कुरान से कुछ लाइन पढ़ीं और मुस्लिम महिलाओं से अल्लाह से दुआ करने को कहा. इसके जरिए ममता ने कहीं न कहीं ये भी दिखला दिया कि वो आज भी सेक्यूलर हैं.

ममता ने कहा कि बीजेपी हिंदू को मुस्लिम से और हिंदू को हिंदू से भी लड़वाने का काम करती है. बंगाल में वो बाहर के लोग ला रहे हैं और दंगा कराने की कोशिश कर रहे हैं. अपने भाषण के अंत में ममता ने जनता से कहा कि हमारे पास हर घर में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां काली है. जागो दुर्गा, जागो दुर्गा. मैं चाहती हूं मेरी हिंदू माताएं और बहनें उलु ध्वनी करें. मेरी मुस्लिम माताएं और बहनें अल्लाह से दुआ करें और मेरा युवा जोर तालियां बजाए.

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