आलोचना के बाद ट्रंप बैकफुट पर आए, व्हाइट हाउस पर झुकाया गया झंडा

वाशिंगटन सच्चा दोस्त न्यूज़।अमेरिका में सोमवार को झंडे वैसे ही लहरा रहे थे जैसे आम दिनों में होते हैं जबकि किसी सीनेटर के निधन पर सामान्‍य तौर पर ऐसा नहीं होता है। इसके लिए राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की काफी आलोचना हुई जिसके बाद मजबूरन उन्‍हें झंडों को झुकाने का आदेश देना पड़ा। बता दें कि मैक्‍केन के निधन पर भी उन्‍होंने मात्र एक ट्वीट कर संवेदना और दुख प्रकट किया लेकिन दिवंगत मैक्‍केन को श्रद्धांजलि नहीं दी। ट्रंप ने ट्वीट में मैक्केन के लिए बिना किसी खास टाइटल का इस्तेमाल करते हुए उनके परिवार के लिए संवेदना जताई थी।

राष्‍ट्रपति ट्रंप और दिवंगत अमेरिकी सांसद जॉन मैक्केन के बीच राजनीतिक विरोध किसी से नहीं छिपा था। हालांकि, ट्रंप ने भी रविवार को मैक्केन के निधन को कोई खास तवज्जो नहीं दी थी। और तो और व्हाईट हाउस ने भी रविवार को मैक्केन के निधन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैक्केन के निधन की खबर मिलने के बाद व्हाईट हाउस के अधिकारियों ने मैक्केन तारीफ में एक स्टेटमेंट तैयार किया था जिसे जारी करने से ट्रंप ने इंकार कर दिया।
उल्‍लेखनीय है कि 2008 चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने वाले मैक्केन ने पहले से ही अपनी शोक सभा की योजना बना ली थी। इसमें उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और बराक ओबामा को बुलाया। जहां जॉर्ज बुश ने उनसे साल 2000 में राष्ट्रपति पद की दावेदारी छिनी थी, वहीं ओबामा ने उन्हें 2008 चुनाव में हराया था। हालांकि, खुद अपनी पार्टी से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन्होंने शोक सभा का न्योता नहीं दिया।
उल्‍लेखनीय है कि 2008 चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने वाले मैक्केन ने पहले से ही अपनी शोक सभा की योजना बना ली थी। इसमें उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और बराक ओबामा को बुलाया। जहां जॉर्ज बुश ने उनसे साल 2000 में राष्ट्रपति पद की दावेदारी छिनी थी, वहीं ओबामा ने उन्हें 2008 चुनाव में हराया था। हालांकि, खुद अपनी पार्टी से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन्होंने शोक सभा का न्योता नहीं दिया।
ब्रेन ट्यूमर की वजह से एरिजोना के सीनेटर जॉन मैक्केन का शनिवार को निधन हो गया। मैक्केन, 81 वर्ष के थे। शुक्रवार को ही मैक्केन ने अपना इलाज करना बंद कर दिया था। मैक्केन छह बार के जीओपी के सीनेटर थे। वह 2 बार राष्ट्रपति पद के लिए भी दावेदार थे। मैक्केन ने आत्मकथा द रेस्टलेस सेव में लिखा है कि मैंने अमेरिकी इतिहास में अपने लिए छोटी जगह बनाई है। बता दें कि मैक्केन, डोनाल्ड ट्रंप पर लगातार हमलावर थे। वियतनाम के युद्ध में भाग लेने वाले जॉन मैक्केन को वॉर हीरो का दर्जा दिया गया था। पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि जॉन की विरासत कभी खत्म नहीं होगी।

एक ही पार्टी (रिपब्लिकन) के सदस्य होने के बावजूद ट्रम्प और मैक्केन एक दूसरे के कड़े आलोचक थे। दोनों के बीच कई मामलों पर असहमति थी।
ट्रंप ने कहा, ‘नीतियों और राजनीति को लेकर हमारे बीच मतभेद के बावजूद मैं सीनेटर जॉन मैक्‍केन का सम्‍मान करता हूं।’ इसके साथ ही उन्‍होंने मैक्‍केन के अंतिम संस्‍कार तक उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस व अन्‍य जगहों पर झंडे को झुकाने का आदेश दे दिया।
शनिवार को व्हाइट हाउस पर लगा झंडा झुकाया गया था लेकिन बाद में सोमवार सुबह यह फिर से पहले की तरह दिखा। मैक्केन के निधन पर शुरुआती चुप्पी के कारण ट्रंप की खूब आलोचना और निंदा की गई। मैक्केन के पूर्व कैंपेन मैनेजर रिक डेविस ने पुष्टि की कि इसमें ट्रंप नहीं आएंगे। हालांकि उप राष्ट्रपति माइक पेंस, रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन शुक्रवार को मैक्केन के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे।

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