अपनी खोई हुई जमीन तलाश रहे शिवराज

नेशनल डेवलपमेंट हेड अतुल जैन की रिपोर्ट

  • आगर मालवा के बाद शिवपुरी के पिछोर में किसानों को साधने निकले

शिवपुरी। मप्र में अपनी सत्ता खोने के बाद अब शिवराज सिंह चौहान फिर से कुर्सी की चाह में अपनी जमीन तलाश रहे हैं। किसानों के मुद्दे और कांग्रेस की ऋण माफी योजना के चलते शिवराज की कुर्सी छीन गई थी। अब शिवराज इन्हीं किसानों को साध कर फिर सत्ता हथियाने की कवायद में जुट गए हैं। यही कारण है कि किसानों की फसल खराब होने और सरकार की ढिलमुल रवैये को शिवराज ने हाथों हाथ ले लिया। शिवराज दो दिनों से लगातार किसानों को साधने पहले आगर-मालवा और फिर शिवपुरी के पिछोर जा पंहुचे। यहां शिवराज कमलनाथ सरकार पर जमकर बरसे और उन्होंने किसानों का हितैषी बनकर किसानों से एक बार फिर दिल का रिश्ता जोडने की कोशिश शुरु कर दी है।  

स्वभाव के विपरीत पिछोर में जमकर दहाड़े शिवराज-

मप्र के शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे लादे जाने और स्थानीय विधायक केपी सिंह की मनमानी को लेकर मंगलवार को शिवराज सिंह सहित सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दीं। इस मौके पर शिवराज ने मंच से जमकर दहाड़ लगाई और कमलनाथ पर तीखे प्रहार किए। पिछोर में किसान आक्रोश रैली व कार्यकर्ताओं पर हो रही मनमानी के खिलाफ यह प्रदर्शन था। इस मौके पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाया कि पिछोर विधानसभा में स्थानीय कांग्रेस विधायक केपी सिंह के कहने पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर झूठे प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस थानों में प्रताड़ना से मौतें हो रही है। पुलिस सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रही है।  शिवराज ने राज्य सभा सांसद प्रभात झा और स्थानीय सांसद केपी यादव सहित सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस को अपनी गिरफ्तारी दी।

शिवराज बोले- गोली खा लेंगे और खून बहा देंगे, बंद करो यह डंडा खेल-

इस मौके पर पूर्व सीएम शिवराज ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इसका जवाब देंगे और पुलिस की मनमानी जारी रही तो भोपाल तक यह आवाज गूजेंगी।शिवराज ने कहा कि इस अन्याय के खिलाफ हम कार्यकर्ता के लिए गोली खा लेंगे और खून बहा देंगे। उन्होंनें चेतावनी देते हुए कहा कि यह डंडा खेल बंद होना चाहिए। लोकतंत्र इसकी इजाजत नहीं देता है। पिछोर में हमारे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है। जनता व कार्यकर्ताओं को कुचलने का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बरसते पानी के बीच यहां पर लगभग 10 से 15 हजार लोग मौजूद रहे।

आगरमालवा में किसानों की बात उठाई-

शिवराज सिंह चौहान मप्र में अपनी पकड़ नहीं खोना चाहते हैं यही कारण है कि वह अपने चहेते नेताओं से संबंधित क्षेत्रों में किसान आक्रोश रैली रखवा रहे हैं। आगर मालवा में भी यही हुआ यहां भी शिवराज ने किसानों की बात को उठाया। हाथ में खराब फसल लेकर शिवराज ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा और कहा कि किसानों के साथ धोखा हुआ है। ऋण माफ हुआ नहीं और ऊपर से फसलें खराब हो गई हैं। उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी ऋण माफ न होने को लेकर पत्र लिखने की बात कही। कुल मिलाकर शिवराज प्रदेश में अपनी सक्रियता बनाए रखना चाहते हैं।

  जाहिर है शिवराज सिंह सरकार गिरने के पीछे सबसे बडी वजह किसानों को माना जाता है। 6 जून 2017 को मंदसौर में किसान आंदोलन के बाद पूरे प्रदेश में किसानों के बीच सरकार की किसान विरोधी छबि बन गई थी। इस छबि को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भांप कर मध्यप्रदेश में किसानों की ऋण माफी योजना का एलान कर दिया था। इसी एलान के बाद  राज्य में शिवराज सिंह को शिकस्त मिली और 15 सालों से सत्ता से बाहर कांग्रेस को मौका मिल गया। शिवराज सिंह अब फिर से किसानों को साध कर सत्ता के रास्ते तलाश रहे हैं।

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