शत्रुंजय महातीर्थ की भाव यात्रा में झूमे श्रद्धालु।लाभार्थी दसेड़ा परिवार ने की अष्टप्रकारी पूजन।

शत्रुंजय महातीर्थ की भाव यात्रा में झूमे श्रद्धालु।

लाभार्थी दसेड़ा परिवार ने की अष्टप्रकारी पूजन।

पिपलौदा (प्रफुल जैन)- पावनिय चातुर्मास महोत्सव के दौरान श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम पर गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा.व साधु साध्वी भगवंत की निश्रा में शत्रुंजय महातीर्थ की संगीतमय भाव यात्रा सम्पन्न हुई।
भाव यात्रा के दौरान गच्छाधिपति श्री ने कहा कि शत्रुंजय तीर्थ शाश्वत है क्योंकि तीर्थ पर प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान स्वंय पधारे व उन्होंने स्वयं ही गिरिराज की यात्रा की थी जो अभी भी प्रारंभ है पूण्य सम्राट जयंतसेन सूरीश्वर जी म.सा.व साधु साध्वी भगवंत ने भी छःरि पालक संघ, नवाणु यात्रा,उपध्यान तप व विभिन्न धार्मिक आयोजन इस तीर्थ पर संम्पन्न करवाये है शत्रुंजय पर नो टूक है जिसमे सबसे बड़ी टूक आदिनाथ भगवान की है ।

मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजय जी म.सा. ने चैत्यवंदन व स्तवन, स्तुति के साथ तलेटी से शांतिनाथ भगवान,आदिनाथ भगवान, पुंडरीक स्वामी, रायणपगला की भाव यात्रा प्रारंभ करवाई ।

मुनिराज श्री विद्वदरत्न विजय जी म.सा.ने शत्रुंजय तीर्थ का सारगर्भित इतिहास बताकर जनमानस का मन मोह लिया साथ ही बताया कि शत्रुंजय में सिद्ध गिरिराज के 17 मुख्य उद्धार हुए है जिसमे मुनिसुव्रत स्वामी के समय मे भगवान राम व लक्ष्मण जो कि उस वक्त श्रावक थे उन्होंने इस तीर्थ का 11 वा उद्धार करवाया था एवं उसी तीर्थ पर पाँच पांडव,भरतमुनि,दसरथ पुत्र राम,भरत अनेको आत्माए मोक्ष पधारे है।

मुनिराज प्रशमसेन विजय जी म.सा.,मुनिराज श्री तारकरत्न विजय जी म.सा.,मुनिराज श्री निर्भयरत्न विजय जी म.सा.व साध्वी श्री भाग्यकला श्री जी म.सा.आदि ठाणा उपस्थित थे।

ये रहे लाभार्थी- श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम प्रचार सचिव प्रफुल जैन ने बताया कि प्रभु की आरती व मंगल दिवो का लाभ इन्दरमल दसेड़ा परिवार जावरा, दादा गुरुदेव व पूण्य सम्राट की आरती का लाभ अजित कुमार शिखर,विनय बोहरा परिवार पिपलोदा,प्रभावना का लाभ रितेश कुमार झमकलाल बोहरा परिवार रतलाम व गहुली का लाभ समरथमल,महेश कुमार,सुमित नांदेचा परिवार ने लिया सभी लाभार्थियों का विजय कुमार चन्द्रगोता परिवार द्वारा बहुमान किया गया संचालन चातुर्मास प्रभारी राकेश जैन ने किया।

शत्रुंजय महातीर्थ की भाव यात्रा हुई – गच्छाधिपति श्री की निश्रा में लाभार्थी स्वर्गीय श्रीमति सोहनबाई रतनलाल दसेड़ा परिवार जावरा द्वारा झूमते गाते हुए भाव यात्रा कराई गई व साथ भगवान की अष्टप्रकारी पूजा की गई परिषद परिवार द्वारा तलेटी व गहुली की मनमोहक रचना की गई भावयात्रा का विवेचन अक्षत सेठ अहमदाबाद द्वारा किया गया।

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