जिला चिकित्सालय मार्ग पर प्रतिदिन लगता है अनेको बार जाम, इमरजेंसी वाहनों को भी निकलने में आती है परेषानी 

जिला चिकित्सालय मार्ग पर प्रतिदिन लगता है अनेको बार जाम, इमरजेंसी वाहनों को भी निकलने में आती है परेषानी 
सच्चा दोस्त से स्टेट हेड मनीष कुमट व झाबुआ संवाददाता दौलत गोलानी की रीपोर्ट
यातायात पुलिस का इस ओर ध्यान नहीं
झाबुआ। जिला मुख्यालय झाबुआ के मुख्य बाजार प्रतिदिन बढ़ रहे स्थायी के साथ अस्थायी अतिक्रमण एवं बढ़ती दो पहिया वाहनों की संख्या तथा भारी वाहनों के प्रवेष से निरंतर सकड़े होते जा रहे है। इस कारण मुख्य बाजारों में प्रतिदिन पचासों से अधिक बार जाम की स्थिति निर्मित होती दिखाई पड़ती है। इस कारण परेषानियों का सामना पैदल राहगीरों, दो पहिया वाहनों के साथ इमरजेंसी वाहनों को करना पड़ता है।
हम यहां बात कर रहे है शहर के चिकित्सालय मार्ग की, जहां इन दिनों प्रतिदिन अनेकों बार जाम के चलते खासी परेषानी राहगीरों और छोटे वाहन चालकों सहित जिला चिकित्सालय, प्रसूति चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर मंे आने-जाने वाले इमरजेंसी वाहनों को हो रहीं है। ज्ञातव्य है कि जिला चिकित्सालय मार्ग से होकर चैवीसों घंटे बसों का आवागमन रहने के साथ भारी वाहनों में ट्रक, जीप, कार, लोडिंग रिक्षा, टाटा मेजिक वाहन आदि होकर निकलते है। इस कारण यह मार्ग काफी व्यस्ततम रहता है, चूंकि इस मार्ग के दोनो ओर दुकाने होने के साथ मुख्य रूप से जिला चिकित्सालय, प्रसूति चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर होने से, ऐसे में दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही से मार्ग पर बार-बार यातायात बाधित होता है।
इमरजेंसी वाहन फंसते है जाम में
इस कारण जहां परेषानी दुकानदारों, राहगीरों और दो पहिया वाहन चालकों को होने के साथ मुख्य रूप से कई बार जिला चिकित्सालय, प्रसूति चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में घटना-दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को लाने एवं ले जाने वाली 108, एंबुलेंस, जननी सुरक्षा वाहन भी काफी देर तक जाम में फंस जाते है। इस स्थिति के चलते मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिलने कोई अनहोनी या उनकी जान जाने की भी संभावना बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर इन चिकित्सालयों में प्रवेष के एक मात्र खुले  गेट पर अक्सर दो पहिया वाहन अव्यवस्थित खड़े रहते है। यह वाहन इन चिकित्सालयों में आने-जाने वाले रोगियों के परिजनों सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों के होते है। जिसके चलते भी चिकित्सालयो में आने-जाने वाले इमरजेंसी वाहनों को निकलने में दिक्कते आती है। चालक द्वारा काफी देर तक सायरन बजाने के बाद सुरक्षा गार्ड द्वारा आकर दो पहिया वाहनों को हटाने के बाद इमरजेंसी वाहनों का निकलना हो पाता है।
यातायात आरक्षक की होना चाहिए तैनानी
अक्सर विजय स्तंभ तिराहे या शहर के मुख्य बाजारों से गंभीर रोगियों को लेकर आने वाली इमरजेंसी वाहनों की तेज रफतार के दौरान प्रसूति चिकित्सालय के समीप बने प्रवेष द्वार से प्रवेष करते समय इन वाहनों को चालकांे द्वारा तेजी से मोड़ने के दौरान दूसरी साईड से आ रहे वाहन चाक के साथ भी दुर्घटना का भय बना रहता है, ऐसे में यातायात पुलिस को चाहिए कि यहां संकेतक लगवाएं, ताकि दूसरी ओर से आने वाले वाहनों के चालक धीमी गति से यहां से अपने वाहनों को निकाले। साथ ही  मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए आरक्षक की भी तैनानी अत्यंत आवष्यक है।
फोटो  -ः जिला चिकित्सालय मार्ग पर लगा लंबा जाम एवं जाम में फंसी एंबुलेंस

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